वाराणसी—क्रीड़ा भारती मातृशक्ति (काशी प्रांत) की ओर से शनिवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण वर्ग का उद्देश्य मातृशक्ति को संगठित कर क्रीड़ा संस्कार, सामाजिक दायित्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांत मंत्री वीरेन्द्र नाथ उपाध्याय, प्रांत अध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव और प्रांत मातृशक्ति प्रमुख डॉ. संध्या दुबे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन प्रांत मातृशक्ति योग प्रमुख शिखा शर्मा ने किया। शिखा शर्मा ने कहा कि मातृशक्ति केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे सशक्त शक्ति है। उन्होंने महिलाओं से क्रीड़ा संस्कृति को अपनाने, सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करने और संगठन को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रांत मातृशक्ति प्रमुख डॉ. संध्या दुबे ने कहा कि क्रीड़ा भारती की गतिविधियों और मातृशक्ति के सक्रिय सहयोग से संगठन समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सकता है और सामाजिक जागरूकता को नई दिशा दे सकता है। इस अवसर पर प्रांत मातृशक्ति सह प्रमुख सोनी चौरसिया ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है। प्रशिक्षण वर्ग के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव, प्रांत उपाध्यक्ष दिनेश जायसवाल, एमएन पाण्डेय, प्रांत मंत्री वीरेन्द्र नाथ उपाध्याय, प्रयागराज की मातृशक्ति सह प्रमुख अर्चना मौर्य सहित वाराणसी, प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और प्रतापगढ़ से कार्यकर्ता शामिल थें।
Varanasi News: क्रीड़ा भारती के प्रशिक्षण वर्ग में मातृशक्ति को सशक्त बनाने पर दिया गया जोर
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