चंदौली/भदोही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार की जा रही अपील तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंत्री, विधायक और अधिकारियों के लंबे काफिलों को सीमित रखने के निर्देशों का असर अब जनप्रतिनिधियों में भी दिखाई देने लगा है। भदोही सांसद डॉ. विनोद बिंद ने इसका उदाहरण पेश करते हुए अपने तीन गाड़ियों के काफिले को छोड़ ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचकर लोगों की सेवा कर रहे हैं। शनिवार सुबह डॉ. विनोद बिंद मुगलसराय स्थित कैलाशपुरी आवास से गोधन स्थित अपने निजी अस्पताल के लिए निकले। आम दिनों में उनके साथ दो फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो चलती थी, लेकिन इस बार सांसद ई-रिक्शा से सफर करते नजर आए। रास्ते में उन्होंने लोगों का अभिवादन भी स्वीकार किया। सांसद को ई-रिक्शा में देखकर कई लोग हैरान रह गए और चर्चा का विषय बन गया।
टोटो पर सवार होके अस्पताल जाते भदोही सांसद डॉक्टर विनोद बिंद —
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “ईंधन बचाओ” संदेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सादगी व अनावश्यक खर्च कम करने की नीति से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐसे कदम उठाने से आम जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाता है। धानापुर क्षेत्र के कावई-पहाड़पुर गांव निवासी डॉ. विनोद बिंद का सफर भी संघर्षों से भरा रहा है। बेहद साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने वर्ष 2007 में गोधन मोड़ के पास “रमा देवी ट्रामा सेंटर” की स्थापना की थी। बाद में राजनीति में सक्रिय होकर पहले विधायक और फिर 2024 में भाजपा के टिकट पर भदोही से सांसद बने। समर्थकों का कहना है कि सांसद बनने के बाद भी डॉ. विनोद बिंद की सादगी और लोगों से जुड़ाव बरकरार है। यही वजह है कि सड़क पर ई-रिक्शा से गुजरते समय लोग उन्हें देखकर हाथ हिलाकर अभिवादन करते नजर आए।