चंदौली—निवेश और compounding के जरिए असाधारण संपत्ति बनाने वाले दुनिया के कई चर्चित निवेशकों की कहानियों को लेकर डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने एक दिलचस्प सवाल उठाया है—क्या Investment 100 साल जिंदा रखने वाली Capsule है? हालांकि उन्होंने साफ किया कि निवेश और दीर्घायु के बीच कोई वैज्ञानिक संबंध स्थापित नहीं है, लेकिन लंबे समय तक निवेशित रहने और लंबी उम्र के बीच दिखाई देने वाला संयोग जरूर विचार करने लायक है।
डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने अपने लेख में Anne Scheiber, Howard Marcus, Lottie Marcus, Charlie Munger और Warren Buffett जैसे चर्चित नामों का उदाहरण देते हुए बताया कि इन लोगों ने निवेश को लंबे समय तक बनाए रखा और compounding का लाभ उठाया। Anne Scheiber का निधन 101 वर्ष की उम्र में हुआ था। उन्होंने सीमित बचत से शुरुआत कर dividends को reinvest किया और दशकों में अपनी संपत्ति को काफी बढ़ाया।
इसी तरह Howard Marcus 104 वर्ष और Lottie Marcus 99 वर्ष की उम्र तक जीवित रहे। लेख में बताया गया है कि दोनों ने लंबे समय तक निवेश किया और समय के साथ उनकी संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वहीं Charlie Munger का निधन 99 वर्ष की उम्र में हुआ। उनकी investment philosophy में patience और long-term thinking को विशेष महत्व दिया जाता था।
डॉ. तिवारी ने Warren Buffett का उदाहरण देते हुए कहा कि Buffett ने महज 11 वर्ष की उम्र में पहला stock खरीदा था और उन्हें अपने निवेश को कई दशकों तक compound होते देखने का अवसर मिला। उनके अनुसार, असाधारण wealth creation में केवल return ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि Return × Time का संयोजन बेहद अहम है।
निवेश में भी जरूरी है धैर्य —
डॉ. तिवारी के मुताबिक long-term investor अगले सोमवार या अगले महीने के बजाय अगले 10, 20 और 30 वर्षों के बारे में सोचता है। वह आज निवेश करता है क्योंकि उसे भविष्य पर भरोसा होता है। उनके अनुसार, सही निवेश के साथ लंबे समय तक बने रहने की क्षमता investment की महत्वपूर्ण खूबियों में से एक है।
लेख में उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि किसी व्यक्ति की उम्र 90, 95 या 100 वर्ष तक पहुंच जाए तो retirement planning को केवल 60 वर्ष की उम्र तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं होगा। लंबी जिंदगी को सम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ जीने के लिए जरूरी है कि व्यक्ति के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन भी लंबे समय तक उपलब्ध रहें।
Investment को बताया ‘Financial Capsule’
डॉ. तिवारी ने मजाकिया अंदाज में Investment को ‘100 साल वाली Financial Capsule’ बताया। उन्होंने कहा कि Investment आपकी जिंदगी को लंबा करने की दवा नहीं है, लेकिन अगर जिंदगी लंबी हो गई तो उसे आर्थिक रूप से आसान बनाने में जरूर मदद कर सकती है।
उन्होंने लोगों को long-term investment और compounding की ताकत को समझने की सलाह देते हुए कहा कि निवेश करते रहना चाहिए—क्या पता 100 साल जीना पड़ जाए।
डॉ. विनय प्रकाश तिवारी LTP Calculator के Founder और SEBI Registered Investment Adviser हैं। उन्होंने लेख के अंत में स्पष्ट किया कि निवेश और दीर्घायु के बीच कोई वैज्ञानिक कारण-संबंध स्थापित नहीं है। लेख का उद्देश्य केवल एक रोचक संयोग के माध्यम से long-term investing और compounding की अवधारणा को समझाना है। Mutual Fund investments बाजार जोखिमों के अधीन हैं और निवेश से पहले संबंधित दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है।









