चंदौली—अयोध्या के सोहावल तहसील में लेखपाल के खिलाफ एंटी करप्शन की कार्रवाई को लेकर प्रदेश भर के लेखपालों में आक्रोश है. इसी क्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर तहसील में चंदौली के लेखपालों ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. लेखपालों ने अयोध्या प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा कार्रवाई की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है.
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ चंदौली की ओर से मुख्यमंत्री को भेजी गई विज्ञप्ति में कहा गया है कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACO), एंटी करप्शन एवं विजिलेंस टीम की कार्रवाई के दौरान कई बार लेखपालों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. संघ ने मांग की है कि किसी भी लेखपाल के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत की वास्तविकता, शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि, आपसी रंजिश, निजी स्वार्थ और शिकायत के उद्देश्य की निष्पक्ष जांच की जाए.
संघ ने अयोध्या के सोहावल प्रकरण की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही घटना से संबंधित CCTV फुटेज, ऑडियो-वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर निष्पक्ष समीक्षा किए जाने की मांग उठाई है. लेखपाल संघ ने भविष्य में ट्रैप कार्रवाई से पूर्व शिकायतकर्ता की शिकायत और पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच कराने तथा कार्रवाई के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी Standard Operating Procedure (SOP) जारी करने की मांग की है।
धरने में शामिल लेखपाल — रघुवंश सिंह, राकेश सिंह, भोला नाथ शर्मा, अजीत तिवारी, रोहित सिंह, राजकुमार सिंह, आकाशदीप, विवेक यादव, आशीष कुमार श्रीवास्तव, राकेश कुमार सिंह, विशाल गौतम, अमित तिवारी, नवीन आनंद, शंभू राय, विनोद कुमार सिंह, अमित दुबे, राजन प्रसाद, रामानंद सिंह, दीपक कुमार चौधरी, राजेश कुमार सहित अन्य लेखपाल धरने में शामिल रहे.
लेखपालों का कहना है कि जब तक अयोध्या प्रकरण में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा. संघ ने प्रदेश में लेखपालों के लिए भयमुक्त, सम्मानजनक और निष्पक्ष कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है.









