वाराणसी— जैतपुरा पुलिस ने जुए के खिलाफ कार्रवाई करते हुए नक्खीघाट स्थित वरुणा नदी पुल के नीचे से सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मौके से ताश के 52 पत्ते और जुए में प्रयुक्त 9,230 रूपये बरामद किए गए. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम की धारा 13 के तहत कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस के अनुसार 8 अगस्त 2026 की शाम करीब 4:20 बजे मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई. श्रावण मास और स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर शांति व्यवस्था एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान पुलिस को नक्खीघाट वरुणा नदी पुल के नीचे जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कथित रूप से जुआ खेल रहे सात लोगों को पकड़ लिया.
सात गिरफ्तार, 9,230 रूपये बरामद —
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों में अमित कुमार शुक्ला, बचाउ सोनकर, शमीम अंसारी, रितिक सेठ, धीरज सोनकर, विकास यादव और एक अन्य धीरज सोनकर शामिल हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों धीरज सोनकर अलग-अलग व्यक्ति बताए जा रहे हैं. इनमें से एक चंदौली कोतवाली क्षेत्र के जमुनीपुर का रहने वाला है और वर्तमान में चौकाघाट, जैतपुरा में रह रहा था.
छोटे जुआरियों पर कार्रवाई, बड़े अड्डों पर खामोशी?
जैतपुरा पुलिस की कार्रवाई के बाद अब स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं. आरोप है कि खुले स्थानों पर जुआ खेलते पकड़े जाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई और प्रेस नोट जारी किया जाता है, लेकिन कुछ इलाकों में घरों के अंदर कथित रूप से संचालित जुए के अड्डों पर पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ रही है?
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कैंट थाना क्षेत्र के हुकुलगंज-लालपुर इलाके में कथित तौर पर सरदार नाम के व्यक्ति द्वारा जुए की फड़ संचालित किए जाने का आरोप है. इसी तरह मुकीमगंज इलाके में भी कथित तौर पर अनु द्वारा अंसाराबाद रवि नामक व्यक्ति के मकान में और मुकीमगंज एक मंदिर के बगल में जुए की फड़ सजने की बात कही जा रही है. आरोप है कि इन स्थानों पर मिर्जापुर, गाजीपुर जौनपुर चंदौली और वाराणसी से लोग पहुंचते हैं और बड़े पैमाने पर रुपये का दांव लगाया जाता है.
हालांकि, हुकुलगंज-लालपुर और मुकीमगंज में घर के अंदर जुआ संचालित होने के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. ऐसे में इन आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
अब उठ रहा बड़ा सवाल —
अगर पुलिस जुए के खिलाफ अभियान चला रही है तो क्या कार्रवाई सिर्फ सड़क, पुल और खुले स्थानों तक सीमित है, या फिर कथित बड़े जुआ अड्डों तक भी पुलिस का अभियान पहुंचेगा? स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर है.









