चंदौली— “सैयां भय कोतवाल तो डर काहे…” वाली कहावत शहाबगंज थाने में इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. बताया जा रहा है कि थाने में वर्षों से एक निजी कारखास की कथित तौर पर खूब चलती थी. प्रभारी निरीक्षक आते-जाते रहे, लेकिन इलाके में उक्त कारखास की हनक बरकरार रही.
बीते दिनों पुलिस अधीक्षक ने कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया. इसी क्रम में अरुण प्रताप सिंह को शहाबगंज की कमान सौंपी गई. चार्ज संभालते ही उन्होंने अवैध शराब, मवेशी तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर सख्ती के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि थाना क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
आरोप है कि वर्षों से थाने में प्रभाव रखने वाला कथित निजी कारखास राजेश उर्फ़ पुजारी इसके बावजूद अपनी मनमानी करता रहा. स्थानीय लोगों के मुताबिक उस पर अवैध शराब की बिक्री और अन्य गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप लगते रहे हैं. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
बताया जा रहा है कि गुरुवार को थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने उक्त कारखास को हिरासत में लेकर धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया. कार्रवाई की खबर फैलते ही शहाबगंज कस्बे से लेकर थाने तक इसकी खूब चर्चा होती रही.
नए थानाध्यक्ष की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हैं. वहीं पुलिस का कहना है कि अवैध गतिविधियों में किसी की भी भूमिका सामने आने पर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी.









