नौगढ़, चकरघट्टा, कंदवा और धीना से मुगलसराय, अलीनगर, सैयदराजा व सदर कोतवाली पहुंचे 2025 बैच के सिपाही —
चंदौली—जनपद की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पुलिसिंग को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है. जिले में तैनात करीब चार दर्जन आरक्षियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल करते हुए उन्हें अलग-अलग थानों पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस बदलाव में वर्ष 2025 बैच के आरक्षी शामिल हैं, जिन्हें देहात और पहाड़ी क्षेत्रों से हटाकर शहरी एवं प्रमुख थानों में तैनाती दी गई है.
पुलिस विभाग में हुए इस फेरबदल के तहत नौगढ़, चकरघट्टा, कंदवा और धीना जैसे क्षेत्रों में तैनात आरक्षियों को मुगलसराय, अलीनगर, सैयदराजा और सदर कोतवाली सहित अन्य थानों में भेजा गया है. इस बदलाव को पुलिस बल की उपलब्धता और थानों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्षेत्रों का पुनर्निर्धारण माना जा रहा है.
देहात और पहाड़ी थानों से शहर की ओर सिपाहियों की रवानगी —
जिले के दुर्गम और ग्रामीण इलाकों में तैनात रहे आरक्षियों को अब शहर और प्रमुख थाना क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलेगा. नौगढ़ और चकरघट्टा जैसे पहाड़ी क्षेत्रों के साथ कंदवा और धीना से भी आरक्षियों को नई तैनाती दी गई है. वहीं, मुगलसराय, अलीनगर, सैयदराजा और सदर कोतवाली जैसे महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इससे संबंधित थानों की कार्यप्रणाली और पुलिस बल के वितरण में बदलाव देखने को मिलेगा.
2025 बैच के आरक्षियों को मिली नई जिम्मेदारी —
इस प्रशासनिक फेरबदल की खास बात यह है कि इसमें वर्ष 2025 बैच के करीब चार दर्जन आरक्षी शामिल हैं. नई तैनाती के बाद इन पुलिसकर्मियों को संबंधित थाना क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी. पुलिस विभाग में समय-समय पर होने वाले ऐसे बदलावों का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के अनुभव का उपयोग करना, बल की जरूरतों के अनुसार तैनाती करना और थानों की कार्यक्षमता बनाए रखना होता है.
कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग पर रहेगा फोकस —
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के स्तर से किए गए इस बदलाव के बाद अब संबंधित आरक्षियों को नई तैनाती वाले थानों पर कार्यभार संभालना होगा. प्रमुख थाना क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती से गश्त, अपराध नियंत्रण, शिकायतों के निस्तारण और कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में सहयोग मिलने की उम्मीद है. हालांकि, इस फेरबदल से अपराध नियंत्रण या पुलिसिंग में कितना बदलाव आएगा, यह नई तैनाती के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली से स्पष्ट होगा.
फिलहाल, चार दर्जन आरक्षियों के कार्यक्षेत्र में हुए इस बदलाव को चंदौली पुलिस की प्रशासनिक कवायद के तौर पर देखा जा रहा है. अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई तैनाती के बाद संबंधित थाना क्षेत्रों में पुलिसिंग कितनी प्रभावी होती है.











