धीना के डेढ़गांवा में मिले थे गाजीपुर और कानपुर के दो युवकों के शव, क्राइम ब्रांच और धीना पुलिस की जांच तेज; चार संदिग्ध हिरासत में….
चंदौली— जनपद के धीना थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में क्राइम ब्रांच और धीना पुलिस को अहम सफलता मिली है. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी स्कॉर्पियो-N को वाराणसी के चौबेपुर इलाके से बरामद किया है. बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी इसी गाड़ी से दोनों युवकों के शवों को करीब 28 किलोमीटर दूर ले गए और सुनसान स्थान पर फेंकने के बाद स्कॉर्पियो को वाराणसी क्षेत्र में लावारिस छोड़कर फरार हो गए.
22 अक्टूबर को मिले थे दो युवकों के शव —
धीना थाना क्षेत्र के डेढ़गांवा गांव के पास 22 अक्टूबर को दो युवकों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. मृतकों की पहचान गाजीपुर निवासी सिद्धार्थ सिंह और कानपुर निवासी सागर त्रिपाठी के रूप में हुई थी. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम समेत स्थानीय पुलिस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी थी. अब खून से सनी स्कॉर्पियो-N की बरामदगी को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है.
शराब और बाटी-मीट की दावत के बाद विवाद की आशंका —
पुलिस की जांच में सामने आया है कि सिद्धार्थ सिंह और सागर त्रिपाठी 21 अक्टूबर की रात धानापुर थाना क्षेत्र के नगवा मेढ़वा गांव में मौजूद थे. दोनों के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन भी इसी गांव में मिली थी. बताया जा रहा है कि गांव के विकास सिंह के पाही यानी बोरिंग पंप पर बाटी-मीट बनाया गया था। इसी दौरान शराब पीने और भोजन करने के बाद विवाद होने की बात सामने आई है.
मृतक सागर त्रिपाठी की पत्नी के पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक, विवाद के दौरान पहले सिद्धार्थ सिंह की हत्या की गई और इसके बाद सागर त्रिपाठी को भी मार डाला गया. बताया जा रहा है कि सागर के मोबाइल फोन से उसकी पत्नी के पास संदेश भी पहुंचा था। पुलिस मोबाइल लोकेशन, संदेश और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की कड़ियां जोड़कर जांच कर रही है.
रवि सिंह पर शक, घर पर ताला; परिजन भी गायब बताए जा रहे —
जांच के दौरान धानापुर थाना क्षेत्र के नगवा मेढ़वा निवासी रवि सिंह का नाम सामने आया है. बताया जा रहा है कि रवि सिंह मृतक सिद्धार्थ सिंह का चचेरा बहनोई है. पुलिस इस पहलू समेत अन्य संभावित एंगल पर जांच कर रही है. मामले की पड़ताल के लिए पुलिस गांव में छापेमारी भी कर रही है, लेकिन रवि सिंह के घर पर ताला लगा होने और परिवार के सदस्यों के गायब बताए जाने की जानकारी सामने आई है.
जांच में रवि सिंह के एक भाई की भूमिका को लेकर भी पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है, जो वाराणसी में रहकर एक विद्यालय में पढ़ाई करता है. हालांकि, इस मामले में किसी की भूमिका अभी अंतिम रूप से साबित नहीं हुई है.
चार लोगों से पूछताछ, हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस —
पुलिस ने मामले में गाजीपुर के चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है. जांच टीम घटनास्थल, मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन, मृतकों के संपर्कों, संभावित विवाद और वारदात में इस्तेमाल वाहन की भूमिका की पड़ताल कर रही है.
फिलहाल खून से सनी स्कॉर्पियो-N की बरामदगी ने दोहरे हत्याकांड की जांच को अहम मोड़ दिया है. पुलिस का प्रयास है कि दोनों युवकों की हत्या के पीछे की वजह, वारदात में शामिल लोगों और शवों को ठिकाने लगाने की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके. हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी, हत्या में उनकी भूमिका और वारदात की पूरी कड़ी की आधिकारिक पुष्टि जांच के निष्कर्षों के बाद ही स्पष्ट होगी.









