चंदौली—जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के भरदुआ-विशेश्वरपुर गांव में भूमि विवाद को लेकर बुधवार को उस समय जमकर बवाल हो गया, जब सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस-प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया. अचानक हुए हमले में पुलिस और वन विभाग के कई कर्मी घायल हो गए. कुछ कर्मियों के सिर में चोट लगने की भी बात सामने आई है.
बताया जा रहा है कि विवादित भूमि में वन विभाग की जमीन के साथ-साथ उन काश्तकारों की जमीन भी शामिल है, जिनके द्वारा वर्षों से खेती किए जाने का दावा किया जाता रहा है. वन विभाग की जमीन पर कथित रूप से अवैध तरीके से धान की रोपाई किए जाने की सूचना पर प्रशासन और वन विभाग की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी.
टीम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने के दौरान ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीणों ने संयुक्त टीम पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया. इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
हमले के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने मौके से महिला और पुरुष समेत कई ग्रामीणों को हिरासत में लिया है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में करीब 70 से 80 ग्रामीणों के शामिल होने की बात सामने आई है. पुलिस अब वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमले में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है.
चंदौली पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी. घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा. वहीं, विवादित भूमि में वन विभाग की जमीन के अलावा वर्षों से खेती कर रहे काश्तकारों की भूमि भी शामिल होने के कारण पूरे मामले की जांच और अभिलेखों के आधार पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की बात कही जा रही है. घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस-प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.









