चंदौली—जिले के खाद्य विपणन विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां कार्यालय में तैनात कर्मचारी पर परिवहन ठेकेदार से अवैध धन की मांग करने का आरोप लगा है. आरोप है कि पैसा न देने की स्थिति में बिल पास न करने और ट्रकों की ऑनलाइन एंट्री रोकने की धमकी दी गई.
परिवहन ठेकेदार प्रमोद कुमार सिंह का आरोप है कि जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय (चंदौली) में कार्यरत कर्मचारी अकील अहमद द्वारा उनके प्रतिनिधि आशीष रघुवंशी से बातचीत के दौरान स्पष्ट रूप से अवैध धन की मांग की गई। यह पूरी बातचीत मोबाइल फोन में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें कथित तौर पर यह कहा जा रहा है कि पैसा नहीं देने पर न तो बिल पास होगा और न ही ट्रकों का समय से ऑनलाइन सत्यापन किया जाएगा.
रिकॉर्डेड बातचीत में अकील अहमद द्वारा कही गई बातों से यह भी संकेत मिलता है कि इस कथित वसूली को लेकर उन्हें “ऊपर से मौन स्वीकृति” प्राप्त है, जिससे पूरे तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ठेकेदार का कहना है कि सरकारी कार्यों को जानबूझकर लटकाकर परिवहन ठेकेदारों पर दबाव बनाया जा रहा है, ताकि उनसे अवैध वसूली की जा सके.
मामले के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या विभागीय अधिकारियों की जानकारी में इस तरह की गतिविधियां चल रही हैं और क्या कार्रवाई के बजाय आंखें मूंद ली जाती हैं. यदि लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार की एक गंभीर तस्वीर पेश करता है. फिलहाल संबंधित विभागीय अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. वहीं ठेकेदार प्रमोद कुमार सिंह ने पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और जांच एजेंसियों से करने की बात कही है.
चंदौली में बिल पास कराने के नाम पर चल रहा अवैध वसूली का खेल, खाद्य विपणन कार्यालय का कर्मचारी परिवहन ठेकेदार से मांग रहा खरचा पानी- पढ़े P-7 न्यूज की खास रिपोर्ट…





