Jai prakash tiwari (jai tiwari)
चंदौली। बलिया के चर्चित नरही कांड के बाद पूर्वांचल में कानून व्यवस्था और तस्करी गतिविधियों को लेकर पुलिस महकमा सतर्क हो गया है। इसी क्रम में चंदौली जिले में करीब डेढ़ साल से बंद पड़े पुलिस पिकेटों को दोबारा सक्रिय कर दिया गया है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में स्थित पिकेटों पर अब 24 घंटे पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। माना जा रहा है कि यह फैसला अपराध नियंत्रण, शराब और अन्य तस्करी गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे के कार्यकाल में जिले के अधिकांश पुलिस पिकेट बंद कर दिए गए थे। इसके बाद कई संवेदनशील मार्गों और सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की निगरानी कमजोर पड़ गई थी। हालांकि हाल के घटनाक्रमों और उच्चाधिकारियों की सख्ती के बाद अब पुलिस विभाग ने दोबारा पिकेट व्यवस्था को चालू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले एडीजी पीयूष मोर्डिया की सक्रियता और विभागीय समीक्षा के बाद जिले के सभी बंद पिकेटों को तत्काल प्रभाव से चालू करने का निर्देश जारी हुआ। इसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती शुरू कर दी गई।
जिले में जिन प्रमुख स्थानों पर पिकेट दोबारा सक्रिय किए गए हैं उनमें सैयदराजा का नौबतपुर पिकेट, सकलडीहा का नईबाजार पिकेट, चकिया कोतवाली क्षेत्र का पिकेट, सिंकंदरपुर-पचवनिया मोड़, गरला तिराहा, मोहम्मदाबाद तिराहा, इलिया थाना क्षेत्र का मालदह पुल, धीना थाना क्षेत्र के महुजी चौकी के पास स्थित पिकेट, बलुआ क्षेत्र के मारूफपुर, चहनिया चौराहा और थाना तिराहा गंगा पुल शामिल हैं।
इसके अलावा कंदवा का ककरैत घाट, बबुरी का लेवा मोड़, शहाबगंज कस्बा पिकेट, मुगलसराय का पड़ाव पिकेट और रेलवे स्टेशन गेट नंबर-1 के पास स्थित पिकेट भी फिर से सक्रिय किए गए हैं। अलीनगर क्षेत्र के सिघीताली और पछफेड़वा इलाके में भी पुलिस की नियमित ड्यूटी शुरू कर दी गई है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन पिकेटों के सक्रिय होने से जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा। खासतौर पर बिहार सीमा और प्रमुख मार्गों से होने वाली शराब तस्करी, अवैध परिवहन और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में इन पिकेटों पर निगरानी और चेकिंग व्यवस्था और कड़ी किए जाने की तैयारी है।










