चंदौली—जिला एथलेटिक्स प्रतियोगिता में डैडीज़ इंटरनेशनल स्कूल एंड हॉस्टल, बिशुनपुरा–कांटा के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो रजत और दो कांस्य सहित कुल चार पदक अपने नाम किए। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से विद्यालय में खुशी का माहौल है. विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल कौशल का प्रदर्शन कर विद्यालय का मान बढ़ाया.
चंदौली जिला एथलेटिक्स संघ की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को मुगलसराय स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट कॉलोनी ग्राउंड में आयोजित जिला एथलेटिक्स चैंपियनशिप एवं मीट में विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में अंडर-14 आयु वर्ग के रणविजय ने ट्रायथलॉन-2 (T2) में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं, अंडर-16 आयु वर्ग में आर्यन ने 60 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया. इसी वर्ग की गोला फेंक प्रतियोगिता में शिवम ने रजत और हर्षित ने कांस्य पदक जीतकर विद्यालय की उपलब्धियों में चार चांद लगा दिए.
विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने पदक विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल किताबों और परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। खेल बच्चों में मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करते हैं. विद्यार्थियों को मिले चार पदक उनकी मेहनत, लगन और बेहतर प्रशिक्षण का परिणाम हैं. यह उपलब्धि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है.
उन्होंने बताया कि विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों और नियमित प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इसी क्रम में दिल्ली से आए एनआईएस प्रशिक्षित अमित सिंह विद्यालय में आवासीय खेल शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं. उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों की खेल प्रतिभा को निखारने और उन्हें विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है.
डॉ. तिवारी ने खेल शिक्षक अमित सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. उन्हें केवल उचित अवसर, मार्गदर्शन और अभ्यास के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है. विद्यालय का लक्ष्य है कि बिशुनपुरा–कांटा के विद्यार्थी शिक्षा के साथ खेलों में भी अपनी अलग पहचान बनाएं और भविष्य में जिला, प्रदेश तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल करें. चार पदकों की इस उपलब्धि ने विद्यालय में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को नई मजबूती दी है.









