परिजनों ने गुमशुदगी को लेकर जताई थी अनहोनी की आशंका, व्यापारी ने शांति के लिए घर छोड़ने की कही बात; निवेश के मामले पर परिवार ने साधी चुप्पी —
चंदौली—मुगलसराय क्षेत्र से दो दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए सीमेंट कारोबारी और सोनालिका ट्रैक्टर एजेंसी के डीलर राजेंद्र प्रसाद डेरोलिया के सकुशल घर लौटने से परिजनों ने राहत की सांस ली है. उनके लापता होने के बाद परिवार में चिंता का माहौल था. काफी खोजबीन के बावजूद उनका पता नहीं चलने पर परिजनों ने अपहरण अथवा किसी अनहोनी की आशंका जताई थी. हालांकि, अब उनके सुरक्षित लौटने से मामले में नया मोड़ आ गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, राजेंद्र प्रसाद डेरोलिया पड़ाव स्थित सोनालिका ट्रैक्टर एजेंसी से अपने बेटे के साथ कार से मुगलसराय पहुंचे थे. बेटे को घर छोड़ने के बाद उन्होंने कुछ देर में स्वयं भी घर लौटने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद उनका पता नहीं चल सका. मोबाइल और संपर्क के जरिए जानकारी जुटाने के प्रयासों के बावजूद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजन परेशान हो उठे.
इस मामले में सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, व्यापारी ने घर छोड़ने के पीछे शांति की जरूरत का हवाला दिया है. वहीं, कारोबार में कहीं पैसा निवेश करने को लेकर भी चर्चा सामने आ रही है. हालांकि, निवेश से जुड़े मामले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में परिवार के लोग खुलकर कुछ कहने से बचते नजर आए.
व्यापारी के सकुशल घर लौटने से अपहरण और अनहोनी की आशंकाओं पर फिलहाल विराम लगा है. अब उनके लापता होने के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. कारोबारी की ओर से बताई गई वजह और निवेश से जुड़ी चर्चाओं के बीच पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होना बाकी है.
फिलहाल राहत की बात यह है कि दो दिन से लापता व्यापारी सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं. उनके अचानक लापता होने और फिर वापस आने के पीछे की परिस्थितियों को लेकर क्षेत्र में चर्चा जारी है.









