चंदौली—विवेचना में लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने सकलडीहा कोतवाली में तैनात दरोगा अभिमन्यु राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. मामले में नाबालिग के परिजनों ने दरोगा पर लापरवाही के साथ ही बालिका से मोबाइल पर बातचीत करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी. जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई.
जानकारी के अनुसार, सकलडीहा कस्बे की निवासी एक नाबालिग बीते 27 अगस्त को ट्रेन से घर छोड़कर अपने प्रेमी के पास जा रही थी. सूचना मिलने पर सकलडीहा पुलिस सक्रिय हुई और मध्य प्रदेश के सतना के पास ट्रेन से बालिका को बरामद कर लिया. इसके बाद उसे सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.
आरोप है कि कुछ दिनों बाद बालिका और संबंधित युवक के बीच मोबाइल पर बातचीत का सिलसिला फिर शुरू हो गया. इसकी जानकारी होने पर परिजन सकलडीहा कोतवाली पहुंचे और युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. मामले की विवेचना थाने में तैनात दरोगा अभिमन्यु राय को सौंपी गई.
परिजनों का आरोप है कि विवेचना के दौरान दरोगा द्वारा बालिका से मोबाइल पर बातचीत की गई, जिसको लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और बालिका का मोबाइल ले लिया. इसके बाद बालिका के दोबारा घर छोड़कर चले जाने की बात सामने आई. इससे परेशान परिजनों ने पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल से शिकायत कर दरोगा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कराई. जांच में प्रथम दृष्टया विवेचना में लापरवाही सामने आने पर दरोगा अभिमन्यु राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
इस संबंध में सकलडीहा थानाध्यक्ष भूपेंद्र निषाद ने बताया कि विवेचना में लापरवाही के मामले में दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की गई है.









