24 नवंबर को आरोपी सिपाही की बारात में गाजीपुर पहुंच कर महिला सिपाही ने खड़ा किया था हंगामा —
वर्ष 2022 में महिला सिपाही और आरोपी सिपाही के बीच बखिरा थाने में तैनाती के दौरान बढ़ी थीं नजदीकियां —
2021 बैच की चंदौली जिले की महिला सिपाही तो वर्ष 2018 बैच का गाजीपुर का है आरोपी सिपाही —
चंदौली/संतकबीरनगर— शादी का झांसा देकर महिला सिपाही से शारीरिक संबंध बनाने और फिर मुकर जाने वाला आरोपी सिपाही रेप में फंस गया. एक महीने पहले गाजीपुर में आरोपी सिपाही किसी दूसरी लड़की से शादी कर रहा था तो बारात में पहुंच कर पीड़ित महिला सिपाही ने हंगामा भी खड़ा किया था. पीड़ित महिला सिपाही ने मेंहदावल थाने में तैनात आरोपी सिपाही के खिलाफ रेप और एससीएसटी एक्ट केस कोतवाली खलीलाबाद में दर्ज कराया.
पीड़िता महिला सिपाही ने पुलिस को दिए शिकायत पत्र में बताया कि वह पहले बखिरा थाने में नियुक्त थी. उसी दौरान कॉन्स्टेबल आशु यादव, जो ग्राम बिजहरी, थाना भुड़कुड़ा, जनपद गाजीपुर का निवासी है, भी वहीं तैनात था. आशु ने उसे शादी का प्रस्ताव दिया था. महिला सिपाही ने अपनी अनुसूचित जाति का होने की बात कही थी, लेकिन आशु ने कहा कि उसे जाति से कोई आपत्ति नहीं है और वह शादी करेगा. इसके बाद से वे एक-दूसरे से बात करने लगे.
वर्ष 2022 में बखिरा थाने में तैनाती के दौरान दोनों के बीच संबंध स्थापित हो गए. महिला सिपाही लगातार आशु से अपने पिता को रिश्ते के बारे में बताने और शादी की तारीख तय करने के लिए कहती थी. आशु उसे टालता रहा, लेकिन शादी उसी से करने का वादा करता रहा.
महिला सिपाही के अनुसार, आशु यादव ने उससे निजी तौर पर शादी भी की थी, जिसकी तस्वीरें उसके फोन में थीं. आशु ने उससे लगातार शारीरिक संबंध बनाए. वह उसे कई बार होटल ले गया और अक्सर उसके कमरे पर भी आता था.
चंदौली जनपद के इलिया थाना क्षेत्र की रहने वाली 2021 बैच की महिला सिपाही का आरोप है कि वर्ष 2022 में उसकी तैनाती बखिरा थाने पर थी. उसी दौरान गाजीपुर जिले के थाना भुड़कुड़ा क्षेत्र के बिजहरी गांव के रहने वाले 2018 बैच का कांस्टेबल आशु यादव भी बखिरा थाने पर नियुक्त था. उसी दौरान सिपाही आशु यादव ने उससे शादी करने का वादा करके प्रेम प्रसंग का प्रस्ताव रखा. उसने खुद को अनुसूचित जाति का होना बताकर शादी में दिक्कत की बात की तो सिपाही आशु यादव ने जाति सेकोई परेशानी नहीं होना बता कर उससे शादी करने की हामी भरी. तभी से दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ. वर्ष 2022 से बखिरा थाने पर तैनाती के दौरान दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहे. शादी के लिए कहने पर उसे भरोसा दिलाकर शांत कर देता रहा. आरोप है कि सिपाही आशु यादव ने उससे प्राइवेसी में शादी भी किया. जिसकी तस्वीर उसके फोन में थी. आशु यादव तब से लेकर लगातार शादी का झांसा देता रहा और लगातार कई बार उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा. कई बार उसे होटल में ले गया. बखिरा में तैनाती के दौरान महिला सिपाही के कमरे में अक्सर आरोपी सिपाही आता-जाता रहा. शादी की बात को लेकर कई बार दोनों में झगड़ा भी हुआ.
महिला सिपाही ने आरोपी सिपाही के पिता को चार महीने पहले फोन करके बता भी दिया था. जिसको लेकर तीन महीने पहले दोनों में विवाद हो गया था। उसके बाद आरोपी सिपाही ने उससे बात करना कम कर दिया था और कहा था कि उसके घर पर किसी की मृत्यु हुई है, अधिक फोन करके परेशान मन करो.
24 नवंबर 2025 को अचानक उसे पता चला कि आरोपी सिपाही आशु उससे छिपाकर शादी कर रहा है. उसी दिन वह आरोपी सिपाही के गांव गाजीपुर गई, जहां पता चला कि नंदगंज रसूलपुर गाजीपुर में आरोपी सिपाही की शादी हो रही है. रात 10 बजे डायल 112 नंबर के साथ बारात में पहुंच गई और सभी फोटो दिखाने लगी और शादी रोकने का प्रयास किया. तभी भीड में बारातियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और उसकी मोबाइल गिर गई. बारातियों ने उसके आंख के सामने दो मिनट में आरोपी सिपाही आशु यादव की शादी बिना किसी रीतिरिवाज के करवा कर लड़की और आशु को वहां से भगा दिया. जिस मोबाइल नंबर से दोनों बातचीत करते थे, उसे भी पुलिस को दिया है. आरोप है कि आरोपी सिपाही ने उससे शारीरिक संबंध बनाया और उसका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया. इस संबंध में मेंहदावल प्रभारी निरीक्षक ने बताया थाने पर तैनात आरोपी सिपाही आशु यादव के खिलाफ शादी का झांसा देकर रेप करने और एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है.





