चंदौली— जिले के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत छेमिया गांव में एक असामान्य और चिंताजनक घटना सामने आई है. गांव निवासी रामनरेश यादव की पालतू गाय में अचानक असामान्य व्यवहार देखने को मिला. गाय कुत्ते जैसी आवाज निकालने लगी, अपने खुरों से शरीर को नोच रही थी और उसके मुंह से लगातार लार टपक रही थी. चारा डालने गए पशुपालक पर गाय के अचानक हमला करने की कोशिश के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना पर पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे और गाय का परीक्षण किया. चिकित्सक ने गाय में रेबीज जैसे लक्षण पाए जाने की आशंका जताई और प्राथमिक उपचार के तहत इंजेक्शन व दवाएं दीं. उपचार के कुछ घंटे बाद मंगलवार देर रात गाय की मौत हो गई. गाय की मौत के बाद गांव के कुछ घुमंतू कुत्तों द्वारा उसके थान (उदर भाग) को नोचकर खाने की जानकारी सामने आने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई. सुबह इसकी जानकारी मिलते ही लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बचने लगे और अपने पशुओं को घरों में बांधकर निगरानी करने लगे. ग्रामीणों को आशंका है कि मृत गाय का मांस खाने वाले करीब आधा दर्जन कुत्तों में रेबीज का खतरा बढ़ सकता है. ग्रामीणों ने वन विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि संभावित संक्रमित कुत्तों को जल्द से जल्द पकड़कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. इस संबंध में पशु चिकित्सक ने बताया कि गाय के व्यवहार में पागलपन जैसे लक्षण थे. उसके मुंह से लार निकल रही थी और वह लोगों पर हमला करने की कोशिश कर रही थी. चिकित्सक के अनुसार, गाय में लगभग 75 प्रतिशत तक रेबीज के लक्षण दिखाई दे रहे थे. उन्होंने बताया कि भले ही शरीर पर ताजा घाव न हों, लेकिन यदि छह महीने के भीतर किसी पागल कुत्ते ने काटा हो, तो संक्रमण धीरे-धीरे फैल सकता है. ऐसे में मृत गाय का मांस खाने वाले कुत्तों में भी संक्रमण का खतरा संभव है. पशु चिकित्सक ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, अनावश्यक संपर्क से बचने और किसी भी संदिग्ध पशु की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है.