Jai tiwari —
चंदौली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और आसपास के इलाके में 24 घंटे के भीतर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले साइको किलर की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और जीआरपी का दावा है कि वह अब पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। आरपीएफ और जीआरपी का कहना है कि एशिया के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शामिल डीडीयू स्टेशन की निगरानी अब नियमित रूप से ड्रोन कैमरों से कराई जाएगी!
रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, पार्सल कार्यालय और ट्रेनों के भीतर विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके लिए आरपीएफ के जवानों को ड्रोन ऑपरेट करने का विशेष प्रशिक्षण जा रहा है। प्रशिक्षित जवान अब स्टेशन के संवेदनशील हिस्सों पर लगातार नजर रखेंगे ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके। साइको किलर की घटना के बाद मंगवार को आरपीएफ, जीआरपी और डॉग स्क्वाड की संयुक्त टीम ने डीडीयू स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों के सामान की जांच की गई और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन की सुरक्षा में अब किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। गौरतलब है कि, हाल के दिनों में डीडीयू जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। स्टेशन पर लगे कई लगेज स्कैनर लंबे समय से खराब हैं, जबकि कई प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर तक नहीं लगे हैं। ऐसे में चोर, उचक्के और अपराधी आसानी से स्टेशन परिसर में प्रवेश कर लेते हैं। ऐसे में डीडीयू जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही थी, जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही बरतते रहे। शायद इसी का नतीजा था कि साइको किलर गुरप्रीत ने दो लोगों की चलती ट्रेन में हत्या कर दी। सिरफिरे गुरप्रती ने पहले रेलवे क्षेत्र में दो लोगों की गोली मारकर हत्या की और बाद में अस्पताल में घुसकर भर्ती वृद्ध महिला मरीज को भी गोली मार दी थी। घटना के बाद पूरे जिले में दहशत फैल गई थी। आरोपी के पास से कई असलहे बरामद हुए थे। बाद में पुलिस मुठभेड़ में वह घायल हुआ और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इस सनसनीखेज घटनाक्रम के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे। अब रेलवे प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की कवायद में जुट गया है। अधिकारियों का दावा है कि ड्रोन निगरानी, अतिरिक्त चेकिंग और जवानों की तैनाती से स्टेशन की सुरक्षा पहले से अधिक मजबूत होगी, लेकिन ये दावा है या हकीकत इसे खुद आरपीएफ और जीआरपी को साबित करना होगा कि क्या अब डीडीयू जंक्शन सुरक्षित है?












