मिर्जापुर— जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर विंध्याचल थाना क्षेत्र में पास्को एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे की वादी नाबालिग पीड़िता को खुलेआम जान से मारने की धमकियां दी जा रही है, तो दूसरी ओर जिले में आए दिन हो रही हिंसक घटनाएं पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही हैं। विंध्याचल थाना क्षेत्र की रहने वाली नाबालिग पीड़िता ने सोशल मीडिया पर एक विडियो जारी कर आरोप लगाया है कि मुकदमे के बाद से लगातार उसे डराया और धमकाया जा रहा है। पीड़िता के मुताबिक देर रात करीब 11 बजे फोन कर जान से मारने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, सुबह करीब 10:15 बजे चैट के जरिए संदेश भेजकर कहा गया कि “45 मिनट में आ रहा हूं, तुम्हें जान से मार दूंगा।” पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष से जुड़े लोग लगातार गाली-गलौज कर मानसिक दबाव बना रहे हैं। अजय सोनकर, संदीप सोनकर और अभिषेक पाठक के इशारे पर उसे धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता का कहना है कि हाईकोर्ट में मामले की तारीख होने के चलते उसकी चिंता और बढ़ गई है तथा उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। नाबालिग पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए घर पर पुलिस कांस्टेबल तैनात करने और निष्पक्ष कार्रवाई की गुहार लगाई है। पीड़िता ने सवाल उठाया कि यदि उसके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
जिले में अपराधियों का हौसला बुलंद —
जिले में हाल ही में डवक बस स्टैंड पर पुरानी रंजिश में शिवम मिश्रा पर आधा दर्जन युवकों द्वारा चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल किए जाने की घटना भी चर्चा में रही है। घटना से संबंधित विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें हमलावर युवक को एक दुकान के अंदर घुसकर उसके ऊपर ताबड़तोड़ चाकू से वार करते हुए नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस ने इस मामले में सामान्य मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं घायल युवक के परिजनों ने चौकी प्रभारी ओम प्रकाश सिंह राय पर सुलह समझौता के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।










