Chandauli News: बनारस से चंदौली तक फैला वाहनों वसूली का सिंडिकेट: चेकिंग अभियान चलने से पहले लीक होती है सूचना, एआरटीओ और खनन की तरह टोटो और ऑटो चालकों को दी जाती है चेकिंग का लोकेशन, P-7 न्यूज पर पढ़े चौकाने वाली खबर
चंदौली— वाराणसी से चंदौली तक सार्वजनिक परिवहन वाहनों के संचालन को लेकर एक कथित सिंडिकेट के सक्रिय होने के आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कैंट क्षेत्र से लेकर मुगलसराय तक ऑटो, ई-रिक्शा, विक्रम और टैम्पो चालकों से प्रति माह तय रकम वसूली जाती है। आरोप है कि ई-रिक्शा चालकों से दो हजार रुपये और ऑटो चालकों से तीन हजार रुपये तक मासिक वसूली की जाती है।
मामले में मनीष नामक युवक का नाम भी चर्चा में है। आरोप है कि उसके द्वारा संचालित व्हाट्सएप ग्रुपों में चेकिंग अभियान की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी पहले से साझा की जाती है। बताया जा रहा है कि ई-रिक्शा और सीएनजी ऑटो चालकों के अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें कथित रूप से उन वाहनों को सतर्क किया जाता है जो बिना परमिट या अन्य अनियमितताओं के बावजूद सड़क पर संचालित होते हैं।
वायरल व्हाट्सएप ऑडियो —
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि समय पर कथित रकम देने वाले वाहन चालकों को चेकिंग से बचाने के लिए लोकेशन की सूचना पहुंचाई जाती है। इससे पूरे नेटवर्क के पीछे किसी बड़े सिंडिकेट के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। आरोप यह भी है कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को पहले भी अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों और वाहन संचालकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाला मामला होगा, बल्कि यातायात व्यवस्था और कानून के पालन पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित विभाग की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।