चंदौली— जिले की मुगलसराय कोतवाली पुलिस टीम ने 13 साल पुराने छेड़खानी/पास्को एक्ट मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी घोषित अपराधी को गोबरिया प्लांट डिपो से गिरफ्तार किया है.
आरोपी की पहचान रंजन सिंह पुत्र राजेश्वर सिंह निवासी गोबरिया थाना मुगलसराय चंदौली के रूप में हुई है. वह लंबे समय से फरार चल रहा था. हिमाचल प्रदेश में कपड़े की फैक्ट्री में काम करता था. आरोप पर पास्को एक्ट के तहत मुकदमा 2013 में दर्ज हुआ था तब से वह फरार चल रहा था.
2013 में अदालत ने सुनाई थी सजा —
आरोपी पर खुद के भतीजी के साथ छेड़खानी के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था. जांच के दौरान अदालत ने वर्ष 2013 में उसे सजा सुना था. 2013 से यह फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी पर चंदौली पुलिस द्वारा 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था.
चंदौली पुलिस और क्राइम ब्रांच को लंबे समय से फरार और इनामी अपराधियों की तलाश का जिम्मा दिया गया था. इसी दौरान पुराने मामलों की समीक्षा में आरोपी की जानकारी दोबारा सामने आई. पुलिस टीम ने करीब एक महीने तक तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के जरिए उसके घर वालों के गतिविधियों पर नजर रखी गई थी.
हिमाचल प्रदेश से घर वापस आने पर गोबरिया से पकड़ा गया आरोपी —
रेलवे चौकी इंचार्ज शिवपूजन बिंद और कांस्टेबल अमित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम मुखबिर खास से सूचना मिली कि 50 हज़ार का इनामी रंजन सिंह गोबरिया प्लांट डिपो क्षेत्र में मौजूद है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में उसने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. आरोपी ने बताया कि वर्ष 2013 में मुकदमा दर्ज होने के बाद वह गिरफ्तारी के भय से घर छोड़कर फरार हो गया था. पिछले 13 साल से वह हिमाचल प्रदेश में रहकर एक फैक्ट्री में मजदूरी का काम करता था. लंबे समय तक बाहर रहने के बाद उसे लगा कि मामला पुराना हो चुका है इसलिए वह अपने घर पर वापस लौट आया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.









