चंदौली। प्रदेश में भीषण गर्मी और हीट वेव को लेकर मौसम विभाग की लगातार चेतावनियों के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने 19 मई से स्कूल बंद करने के आदेश सोमवार शाम से ही जारी करने शुरू कर दिए, लेकिन चंदौली जिले में सोमवार रात लगभग 11:30 बजे तक न तो जिलाधिकारी की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश जारी हुआ और न ही बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यालय बंद करने संबंधी कोई आदेश सामने आया।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या चंदौली जिले में हीट वेव का कोई खतरा नहीं है? क्या यहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल नहीं है?
जहां एक तरफ वाराणसी समेत आसपास के कई जिलों में भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया, वहीं चंदौली में निजी विद्यालय सामान्य रूप से कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे दिखाई दिए। कई स्कूलों में “ब्लू डे” जैसे आयोजनों की चर्चा रही, जिनके नाम पर अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूले की तैयारी चल रही है। ऐसे में अभिभावकों के बीच नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।
सोमवार शाम से ही मोबाइल कंपनियों की तरफ से लोगों के फोन पर हीट वेव को लेकर अलर्ट मैसेज लगातार भेजे जाते रहे। मौसम विभाग ने भी लोगों को घर से बाहर निकलने से बचने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके बावजूद चंदौली प्रशासन की ओर से देर रात तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आना कई सवाल खड़े कर रहा है। अभिभावकों का कहना है कि जब प्रदेश के अन्य जिलों में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूल बंद किए जा सकते हैं तो चंदौली में इतनी देरी क्यों? क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना के इंतजार में बैठा है?
इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। प्रशासनिक चुप्पी के बीच जिले के अभिभावकों में चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ती जा रही हैं।
तो चंदौली जिले में नहीं है हीट वेव का कोई खतरा… प्रदेश में बंद हुए स्कूल, लेकिन चंदौली प्रशासन देर रात तक मौन: बीएसए साहब बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी है ‘ब्लू डे’ का आयोजन?
अगला लेख










