चंदौली—उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी लंबित एवं न्यायोचित मांगों को लेकर शनिवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर तहसील में धरना-प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की. इस दौरान तहसील के समस्त लेखपालों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित आठ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एडीएम न्यायिक के माध्यम से भेजा. 3 अक्टूबर 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में लेखपालों ने वेतन विसंगति दूर करने, अंतरमंडलीय स्थानांतरण शुरू कराने, पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने, विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी तथा ग्राम सचिवालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने समेत कई मांगें उठाईं.
लेखपाल संघ का कहना है कि राजस्व प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद लेखपाल लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं. वेतन विसंगति, स्थानांतरण, पदोन्नति और भत्तों से जुड़ी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण लेखपालों में असंतोष है.
संघ ने कहा कि राजस्व प्रशासन की आधारशिला होने के बावजूद लेखपाल लंबे समय से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं. ज्ञापन में कहा गया है कि लेखपाल संवर्ग की लंबित मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है.
ये हैं लेखपाल संघ की प्रमुख मांगें —
प्रारंभिक वेतनमान 2800 ग्रेड पे दिए जाने तथा वेतन विसंगति दूर करने की मांग की गई है.
करीब आठ वर्षों से लंबित अंतरमंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की मांग की गई है। संघ के मुताबिक बड़ी संख्या में लेखपाल अपने गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर कार्यरत हैं.
वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी कर डीपीसी कराने की मांग की गई है.
वर्ष 2024 में चयनित लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र शीघ्र जारी कर स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग उठाई गई है.
16 वर्षों से लंबित भत्तों में बढ़ोतरी की मांग की गई है. संघ ने स्टेशनरी भत्ता ₹100 से बढ़ाकर ₹500 प्रतिमाह, मोटरसाइकिल वाहन भत्ता ₹1500 प्रतिमाह और विशेष भत्ता ₹100 से बढ़ाकर ₹1000 करने की मांग रखी है.
परिषदादेश के विपरीत विभिन्न कार्यालयों/पदों से संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त कर उन्हें उनके मूल कार्यस्थल पर भेजने की मांग की गई है.
ग्राम सचिवालयों में लेखपालों के लिए अलग कक्ष, फर्नीचर, सुरक्षित अभिलेख कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सुरक्षा व्यवस्था एवं भत्ते से संबंधित मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई है.
लेखपाल पद को टेक्निकल पद घोषित करने के साथ आधुनिक तकनीकी संसाधन जैसे लैपटॉप एवं मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
17 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी —
ज्ञापन में लेखपाल संघ ने कहा है कि लंबित मांगों पर शासन स्तर से प्रभावी एवं सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने के कारण प्रदेश के लेखपाल आंदोलन की ओर बढ़ रहे हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि 17 अक्टूबर 2026 से प्रदेश के समस्त लेखपाल चरणबद्ध तरीके से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए विवश होंगे.
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से लेखपाल संवर्ग की लंबित मांगों पर शीघ्र ध्यान देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक शासनादेश जारी करने के निर्देश देने की मांग की गई है. ज्ञापन पर तहसील स्तर के लेखपाल संघ पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी किए गए हैं.
धरने में शामिल रहे लेखपाल एवं पदाधिकारी —
खंड मंत्री सियाराम,जिलाध्यक्ष, विनय सिंह जिलामंत्री, वीरेंद्र कौशल, तहसील अध्यक्ष रोहित सिंह, तहसील मंत्री भोलानाथ शर्मा, वरिष्ठ अध्यक्ष राजकुमार सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष राकेश सिंह, लेखपाल राजन प्रसाद, रामप्यारे, संजय मौर्या, अरविन्द कुमार, रामप्रवेश, सलमान खान, अभिषेक श्रीवास्तव, विनोद कुमार, अनूप कुमार श्रीवास्तव, प्रवीण सिंह, वीरेंद्र यादव, प्रदीप सिंह, आदित्य मिश्रा, अमित तिवारी,रामानंद सिंह, विशाल गौतम,ऋषभ सिंह, दीपक मौर्या, आकाश दीप, भावना सिंह, पिंकी, अमित, शतिष चंद्र, प्रदीप आनंद, एवं अन्य लेखपाल गण शामिल थे.
अपनी मांगों को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन करते लेखपाल—
लेखपालों से बातचीत करते P7 न्यूज़ के रिपोर्टर चंचल सिंह—