Jai tiwari—
चंदौली—मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के हृदयपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक पर मिले युवक के शव की पहचान हो गई है. मृतक की पहचान वाराणसी जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के पुरानापट्टी, पोस्ट प्यारी निवासी रितेश मिश्रा (37 वर्ष) के रूप में हुई है. रितेश छत्तीसगढ़ से छुट्टी लेकर ट्रेन संख्या 15232 गोंदिया–भुज एक्सप्रेस से घर लौट रहा था. वह ट्रेन के S-2 कोच की सीट नंबर 48 पर सवार था. इसी दौरान हृदयपुर के पास रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिलने से पूरे मामले में कई सवाल खड़े हो गए हैं.
ट्रेन से घर लौट रहा था रितेश, हृदयपुर के पास मिला शव —
जानकारी के अनुसार रितेश 30 सितंबर को छत्तीसगढ़ से छुट्टी लेकर वाराणसी स्थित अपने घर के लिए ट्रेन से रवाना हुआ था. परिजनों के मुताबिक वह गोंदिया–भुज एक्सप्रेस के S-2 कोच में सफर कर रहा था. परिवार का एक सदस्य वाराणसी कैंट स्टेशन पर टोटो खड़ा कर रितेश के आने का इंतजार कर रहा था.
रितेश की अपने भाई से आखिरी बातचीत जीवनाथपुर रेलवे स्टेशन के आसपास हुई थी. इसके बाद कुछ ही दूरी पर हृदयपुर गांव के पास उसका मोबाइल फोन लगातार रिंग होता रहा, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई. परिजनों के मुताबिक करीब भोर चार बजे तक मोबाइल पर घंटी जाती रही, जिसके बाद अचानक फोन स्विच ऑफ हो गया.
कैंट स्टेशन पहुंची ट्रेन, बर्थ पर नहीं मिला रितेश —
ट्रेन के वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंचने के बाद भाई ने रितेश को उसकी बर्थ के साथ-साथ पूरी बोगी में तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. इसके बाद ट्रेन के अगले स्टेशन पर भी बोगी की जांच कराई गई, मगर रितेश नहीं मिला.
इधर परिजन उसकी तलाश में जुटे थे. इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के हृदयपुर गांव के पास रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का शव मिला है.
परिजन जब जिला अस्पताल के मोर्चरी हाउस पहुंचे तो शव देखते ही उनकी पहचान रितेश मिश्रा के रूप में हो गई. पहचान होते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन दहाड़ें मारकर रोने लगे.
शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान, सिर्फ सिर पर चोट —
शव मिलने के बाद मौके पर पहुंची मुगलसराय कोतवाली पुलिस, आरपीएफ व्यासनगर और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. प्रारंभिक तौर पर रितेश के शरीर पर किसी बड़ी चोट के निशान नहीं मिले, जबकि सिर पर चोट के निशान पाए गए. इसी वजह से घटना को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं.
सबसे अहम बात यह है कि शव के पास रितेश का मोबाइल फोन और बैग नहीं मिला. उसके शरीर पर रुद्राक्ष की माला, शर्ट और अंडरवियर था, जबकि पैंट और एक पैर का जूता भी गायब था.
ट्रेन में शौचालय के बावजूद पटरी के पास क्यों उतरा?
घटनास्थल पर एक और बात ने मामले को उलझा दिया है. बताया जा रहा है कि शव के नजदीक ही शौच किए जाने के संकेत मिले हैं. ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि अगर रितेश जिस ट्रेन में सफर कर रहा था, उसमें शौचालय मौजूद था तो आखिर वह ट्रेन से नीचे उतरकर रेलवे ट्रैक के पास क्यों गया?
क्या वह किसी मजबूरी में ट्रेन से नीचे उतरा था? क्या वह हादसे का शिकार हुआ या फिर घटना के पीछे कोई और वजह है? इन सवालों का जवाब फिलहाल जांच के बाद ही सामने आएगा.
मोबाइल और बैग गायब होने से परिजनों को अनहोनी की आशंका —
रितेश के भाई के मुताबिक, वह बनारस में टोटो चलाता है और अपने बड़े भाई के आने का इंतजार करने के लिए कैंट स्टेशन पहुंचा था. रितेश से उसकी अंतिम बातचीत जीवनाथपुर स्टेशन के आसपास हुई थी.
इसके बाद रितेश का मोबाइल हृदयपुर के पास काफी देर तक रिंग होता रहा, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया. करीब चार बजे के बाद मोबाइल अचानक स्विच ऑफ हो गया. वहीं शव मिलने पर मोबाइल और बैग का गायब होना परिजनों की चिंता और बढ़ा रहा है. परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए पूरे मामले की गहराई से जांच की मांग की है.
हादसा, गिरना या कोई और वजह? पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार —
घटना के बाद पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है. रितेश ट्रेन से नीचे कैसे उतरा, वह रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा, उसके मोबाइल और बैग कहां गए, सिर पर चोट कैसे लगी और पैंट व एक जूता क्यों नहीं मिला—इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम करा दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.
डीडीयू नगर क्षेत्राधिकारी अरुण सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.











