चंदौली— बबुरी रोड पर जनसेवा केंद्र संचालक से तमंचे के बल पर करीब छह लाख रुपये की लूट की वारदात ने चंदौली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वारदात के बाद बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस को शुरुआती सफलता अलीनगर थाना क्षेत्र में मिली, जहां तीन आरक्षियों की सक्रियता से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से लूट की रकम का हिस्सा भी बरामद हुआ। इसके बावजूद वारदात में शामिल बताए जा रहे चार अन्य आरोपी चार दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में अब फरार बदमाशों की गिरफ्तारी और लूट की शेष रकम बरामद करना सदर कोतवाली पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।
छह लाख की लूट से दहला इलाका, विरोध करने पर तमंचे के बट से हमला
घटना बीते शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। चंदौली कोतवाली क्षेत्र के बबुरी रोड पर जनसेवा केंद्र संचालक और फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट तंजीर अहमद को कार सवार बदमाशों ने निशाना बनाया। आरोप है कि बदमाशों ने तमंचे के बल पर नकदी से भरा बैग लूट लिया। पीड़ित ने विरोध किया तो एक बदमाश ने तमंचे के बट से उनके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद गोली मारने की धमकी देते हुए सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
दिनदहाड़े नहीं, बल्कि देर रात हुई इस वारदात में बदमाशों ने जिस तरह हथियार के दम पर लूट को अंजाम दिया, उससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों की तलाश शुरू की।
सदर पुलिस तलाश में जुटी, अलीनगर के तीन आरक्षियों ने पकड़े चार आरोपी
वारदात के बाद पुलिस को आरोपियों के कटसिला की ओर भागने की सूचना मिली। इसके बाद उनकी तलाश में प्रयास किए गए, लेकिन शुरुआती दौर में सदर कोतवाली पुलिस को सफलता नहीं मिल सकी। इसी बीच जिले में अलर्ट के दौरान अलीनगर थाने के तीन आरक्षियों ने सक्रियता दिखाते हुए चार आरोपियों को पकड़ लिया। बाद में चारों को चंदौली कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
इस कार्रवाई से लूटकांड की जांच को अहम दिशा मिली। हालांकि, वारदात में कुल आठ आरोपियों के शामिल होने की बात सामने आने के बाद पुलिस की चुनौती खत्म नहीं हुई। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी बाकी चार की तलाश जारी है।
चार दिन बाद भी चार आरोपी फरार, कहां छिपे हैं बदमाश?
लूटकांड में चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल बाकी चार आरोपियों को लेकर है। आखिर वे कहां छिपे हैं और पुलिस की पकड़ से अब तक बाहर कैसे हैं? वारदात के चार दिन बीतने के बाद भी यदि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, तो पुलिस की जांच और दबिश की कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि, फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी में आ रही बाधाओं को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सदर कोतवाली पुलिस कब तक फरार आरोपियों तक पहुंच पाती है।
बरामद रकम ने खोली जांच की अहम कड़ी
पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों के पास से 2,86,140 रुपये बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, पीड़ित से लूटी गई कुल रकम करीब छह लाख रुपये बताई गई है। ऐसे में बरामद रकम और लूट की कुल राशि के बीच अंतर को देखते हुए शेष धनराशि की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है।
पुलिस के सामने अब तीन प्रमुख चुनौतियां हैं—फरार चार आरोपियों की गिरफ्तारी, लूट की शेष रकम की बरामदगी और वारदात में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करना।
सदर कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में अलीनगर थाने के तीन आरक्षियों की सक्रियता चर्चा में है, जिनकी कार्रवाई से चार आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली। दूसरी ओर, सदर कोतवाली क्षेत्र में हुई गंभीर वारदात के बाद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
सदर कोतवाल बिंदेश्वरी पांडे के नेतृत्व में पुलिस अब तक फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पाएगी या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल, छह लाख रुपये की लूट का यह मामला केवल चार गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है। जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते और लूट की पूरी रकम बरामद नहीं होती, तब तक इस कार्रवाई को अधूरा ही माना जाएगा।
अब निगाहें सदर कोतवाली पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं। सवाल साफ है—चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बाकी चार बदमाशों तक पुलिस कब पहुंचेगी?









