चंदौली—मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कबीरपुर (दरियापुर) गांव में चोरों ने जल जीवन मिशन के पंप को निशाना बनाकर करीब ढाई लाख रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया. चोरी की इस वारदात के बाद गांव की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है. करीब 4,000 से 4,500 घरों में पानी की सप्लाई प्रभावित होने से ग्रामीणों के सामने पेयजल संकट खड़ा हो गया है.
जानकारी के अनुसार कबीरपुर गांव निवासी पंप ऑपरेटर राहुल पटेल शनिवार सुबह पंप स्टार्ट करने पहुंचे. अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए. पंप परिसर में सामान बिखरा पड़ा था और कई जरूरी मशीनें व उपकरण गायब थे.
ऑपरेटर के मुताबिक चोर एक कटर मशीन, एक ग्राइंडर मशीन, दो ड्रिल मशीन, एलटी पैनल की दो पंप मशीन, पैनल का पूरा तार समेत पेंट करने के लिए रखा करीब 20 लीटर के छह डिब्बे डिस्टेंपर पेंट उठा ले गए. चोरी गए सामान की कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है.
चोरी ने रोक दी हजारों घरों की पानी की सप्लाई —
कबीरपुर गांव में इसी पंप के माध्यम से करीब चार से साढ़े चार हजार घरों में पानी की आपूर्ति की जाती है. पंप में लगी 40 स्क्वायर की मोटर और पैनल से जुड़े उपकरण चोरी होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई.
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब दो वर्षों से जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था को लेकर काम चल रहा था, लेकिन चोरी की घटना ने पूरी व्यवस्था को झटका दे दिया. शनिवार सुबह से ही पानी की सप्लाई बंद होने से ग्रामीणों में परेशानी बढ़ गई है.
चोरी के बाद गांव में पेयजल संकट, मचा हाहाकार —
एक तरफ चोरी की घटना से ग्रामीणों में नाराजगी है तो दूसरी तरफ हजारों परिवारों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो गई है. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पंप की मशीनरी और विद्युत उपकरणों की व्यवस्था नहीं होती, तब तक पानी की सप्लाई बहाल होना मुश्किल है.
ग्राम प्रधानपति महेश पटेल ने बताया कि चोरी के कारण गांव की करीब साढ़े चार हजार की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है. उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कराकर जलापूर्ति बहाल कराने की मांग की है.
112 पुलिस और चौकी प्रभारी ने शुरू की जांच —
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस के साथ औद्योगिक नगर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और पंप परिसर का निरीक्षण कर घटना की जानकारी ली. पुलिस आसपास के इलाके में जांच-पड़ताल करने के साथ चोरी की घटना से जुड़े सुराग जुटाने में लगी है.
अब बड़ा सवाल यह है कि जल जीवन मिशन के पंप परिसर में चोर कैसे दाखिल हुए और इतनी भारी मात्रा में मशीनरी व सामान लेकर आसानी से फरार कैसे हो गए? पुलिस जांच के बाद ही चोरी की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी.











