विशेष संवाददाता —
चंदौली/लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भाजयुमो नेता शिवम सिंह की मौत के मामले ने जहां राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा रखी है, वहीं इस प्रकरण में चर्चित हुए अनुज सिंह का नाम अब पूर्वांचल के चंदौली जिले में हुई एक पुलिस कार्रवाई के बाद फिर सुर्खियों में आ गया है। मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने सोमवार को एक युवक को 315 बोर के अवैध तमंचे और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया, जिसकी पहचान आजमगढ़ निवासी अनुज सिंह के रूप में हुई। हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी आर्म्स एक्ट के तहत दिखाई है, लेकिन आरोपी के आपराधिक इतिहास और राजधानी में चर्चित हत्या प्रकरण से उसका नाम जुड़ने के बाद इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं। आइये हम बताते हैं आप को अनुज सिंह के बारे में…
सिगरेट को लेकर शुरू हुआ था विवाद —
लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र में 25 मई की रात भाजयुमो सदस्य शिवम सिंह 25 वर्ष अपने दोस्तों के साथ मौजूद थे। आरोप है कि सिगरेट मांगने को लेकर कुछ युवकों से विवाद हुआ। परिजनों के अनुसार, बाद में बाइक सवार युवकों ने शिवम का पीछा किया और कठौता झील के पास उनकी कार रुकवा ली। इसके बाद मारपीट करते हुए उनका सिर कई बार डिवाइडर से टकराया गया। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती शिवम की तीन दिन बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में विभूतिखंड पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
चंदौली में तमंचे के साथ गिरफ्तारी —
इधर चंदौली के मुगलसराय पुलिस को सूचना मिली कि एक संदिग्ध युवक पड़ाव क्षेत्र से गुजर रहा है। थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह और चौकी प्रभारी अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का अवैध तमंचा और दो कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में उसकी पहचान अनुज कुमार उर्फ अनुज सिंह पुत्र तन्मय सिंह निवासी सुरहन थाना दीदारगंज जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई। अनुज सिंह भाजयुमो नेता शिवम सिंह की हत्या में शामिल था, और हत्या कांड के बाद वह प्रदेश की राजधानी से भाग कर पूर्वांचल के चंदौली जिले में छुपा था।
पुलिस का दावा यक्ष एप से हुई पहचान, सामने आया आपराधिक इतिहास —
पुलिस के अनुसार यक्ष एप के माध्यम से आरोपी की पहचान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। जांच में उसके खिलाफ पूर्व में मारपीट, धमकी समेत कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह तमंचा लेकर बिहार के सिवान जा रहा था और अपनी सुरक्षा के लिए असलहा रखता था।
गिरफ्तारी या नाटकीय सरेंडर ?
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी रही कि पुलिस टीम को देखते ही आरोपी घबरा गया और भागने के बजाय खुद को बचाने की कोशिश करने लगा। हालांकि पुलिस का आधिकारिक दावा है कि उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में इसे लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को वैधानिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है। वहीं राजधानी लखनऊ के चर्चित हत्या प्रकरण में भी जांच एजेंसियां अलग-अलग बिंदुओं पर पड़ताल कर रही हैं। दोनों घटनाओं के बीच आरोपी का नाम सामने आने से यह मामला पूर्वांचल से लेकर राजधानी तक चर्चा का विषय बना हुआ है।









