चंदौली। जनपद पुलिस में लगातार दूसरी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने क्राइम ब्रांच विवेचना सेल में तैनात इंस्पेक्टर विमलेश मौर्य को निलंबित कर दिया है। इंस्पेक्टर पर आरोप है कि उन्होंने एक मुकदमे की विवेचना को जानबूझकर लंबित रखा और अभियुक्त पक्ष से अनुचित लाभ लेने के लिए तरह-तरह का प्रारूपण कराते रहे। पूरे मामले की रिपोर्ट अपर पुलिस अधीक्षक की ओर से पुलिस अधीक्षक को भेजी गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर पाए जाने पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई कर दी। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
गौरतलब है कि चंदौली पुलिस में बीते कुछ दिनों से कार्यशैली को लेकर सख्ती बढ़ गई है। दो दिन पहले ही कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक संजय कुमार को भी कर्तव्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित किया गया था। संजय कुमार पर आरोप था कि मोबाइल झपटमारी की शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ित पर उन्होंने एफआईआर दर्ज करने के बजाय गुमशुदगी रिपोर्ट लिखाने का दबाव बनाया। मामले की शिकायत सामने आने के बाद एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर विभागीय जांच बैठा दी थी। लगातार हो रही कार्रवाई को लेकर पुलिस विभाग में चर्चा तेज है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने कहा कि जनता की शिकायतों की अनदेखी, विवेचना में लापरवाही और भ्रष्ट आचरण किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चंदौली में क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर विमलेश मौर्य निलंबित, मुकदमे की जांच में खोज रहे थें ‘अनुचित लाभ’ एएसपी की रिपोर्ट पर एसपी आकाश पटेल ने की कार्रवाई
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