Jai prakash tiwari (jai tiwari)
चंदौली—जिले में तेजी से बढ़ रहे जिम और फिटनेस सेंटर अब सिर्फ व्यायाम तक सीमित नहीं रह गए हैं। कई जगहों पर जिम युवाओं के बीच विवाद, मारपीट और दबंगई का अड्डा बनते जा रहे हैं। धानापुर थाना क्षेत्र के सीतापोखरी बाजार स्थित जिम में गाना बजाने को लेकर हुई हिंसक मारपीट ने एक बार फिर जिम संचालन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं मिर्जापुर में सामने आए चर्चित ‘जिम जिहाद’ प्रकरण के बाद प्रदेशभर में जिमों की गतिविधियों को लेकर बहस तेज हो गई है। सीतापोखरी बाजार स्थित जिम में शुक्रवार सुबह गाना बदलने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। धरांव गांव निवासी 26 वर्षीय अरशद अहमद पर कथित तौर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया, जिससे उसका सिर फट गया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद शांत होने के बाद कुछ युवकों ने बाहर से अपने साथियों को बुलाया और जिम का सीसीटीवी बंद कर हमला किया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। इस मामले पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले के कई जिमों में नियमित निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था नहीं है। कई जगहों पर आपराधिक प्रवृत्ति के युवक खुलेआम पहुंचते हैं और छोटी-छोटी बातों पर विवाद और दबंगई की घटनाएं सामने आती रहती हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इन जिमों की कभी नियमित जांच होती है, वहां लगे सीसीटीवी सक्रिय रहते हैं या नहीं, और संचालकों की जवाबदेही आखिर तय कौन करेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिटनेस और स्वास्थ्य के नाम पर चल रहे संस्थानों में अनुशासन और सुरक्षा सबसे जरूरी है। यदि समय रहते निगरानी व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं सामने आ सकती हैं।
मिर्जापुर जिले के जिम-जिहाद का मामला पूरे प्रदेश में बना था चर्चा का विषय —
मिर्जापुर में सामने आए चर्चित ‘जिम जिहाद’ मामले ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यह मामला पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना था और खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया था। मिर्जापुर पुलिस ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग जिम और फिटनेस सेंटर की आड़ में महिलाओं को निशाना बनाकर ब्लैकमेल और धर्मांतरण के लिए दबाव बना रहे थे। मामले में गैंगस्टर एक्ट तक लगाया जा चुका है। हालांकि जांच अभी जारी है और अंतिम निर्णय अदालत में होना है, लेकिन इस पूरे प्रकरण ने फिटनेस सेंटरों की गतिविधियों पर निगरानी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इधर,
चंदौली के सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में संचालित जिमों का समय-समय पर सत्यापन होना चाहिए। वहां आने वाले प्रशिक्षकों और कर्मचारियों का रिकॉर्ड भी पुलिस और प्रशासन के पास होना जरूरी है। कई अभिभावकों ने भी चिंता जताई है कि युवाओं के लिए बनाए गए फिटनेस सेंटर कहीं असामाजिक गतिविधियों का केंद्र न बन जाएं।
22 जुलाई को चंदौली में जिम संचालक की गोली मारकर हुईं थी हत्या —
अलीनगर थाना के ग्राम डिहवा (धरना) में 42 वर्षीय जिम संचालक अरविंद यादव उर्फ बिंदु को बाइक सवार बदमाशों ने गोलीमार का हत्या कर दी थी. घटना के वक्त अरविंद अपने जिम में मौजूद थे, तभी बदमाशों की ओर से चासे पांच गोली उन पर लक्ष्य कर चलाई गई. इससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े थे.अरविंद को तत्काल ट्रामा सेंटर वाराणसी ले जाया गया. यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी.
24 जुलाई को जिले की क्राइम ब्राँच, मुगलसराय कोतवाली और अलीनगर थाने संयुक्त पुलिस टीम ने आरोपी चार बदमाशों को हाफ एनकाउंटर में दबोचा था. चारों बदमाशों श्याम बिंद यादव, बृजेश यादव, रोहित यादव और काजू यादव घटना में शामिल थे. चंदौली जिले में लगातार फिटनेस सेंटरों की गतिविधियों पर निगरानी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.










