चंदौली—देशभर में यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित नियमों को लेकर चल रही बहस और विरोध के बीच मैक्सवेल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MIMS), चंदौली के डायरेक्टर डॉ. कृष्णानंद पांडे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, न कि वर्गों में बांटना। डॉ. पांडे ने अपने बयान में कहा कि मैक्सवेल कॉलेज एक ऐसा संस्थान है, जहां हर वर्ग और समाज के लोग एक साथ रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यहां आपसी सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि “यहां ब्राह्मण की मदद पाल करते हैं, पाल की मदद यादव करते हैं और यादव की मदद हरिजन करता है। यही हमारी सामाजिक ताकत है, जिसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।”
उन्होंने यूजीसी से जुड़े प्रस्तावों पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी नीति या कानून को बनाते समय यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि वह शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक एकता को प्रभावित न करे। शिक्षा संस्थान केवल डिग्री देने की जगह नहीं होते, बल्कि वे समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं।
डॉ. पांडे ने अपील की कि सरकार और यूजीसी शिक्षा से जुड़े सभी पक्षों से संवाद कर ऐसे निर्णय लें, जिससे छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों के हित सुरक्षित रहें। उल्लेखनीय है कि मैक्सवेल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज चंदौली स्थित एक निजी संस्थान है, जहां नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।





