वाराणसी/चंदौली—चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईपुर इलाके में चोरी के आरोप में एक मजदूर की कथित तौर पर लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मृतक की पहचान चंदौली जिले के धानापुर थाना क्षेत्र के धराव गांव निवासी राम जन्म वनवासी (45) के रूप में हुई है. मामले में मृतक की पत्नी की तहरीर पर चोलापुर थाने में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने वीडियो के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है.
बताया जा रहा है कि राम जन्म वनवासी अपने ससुर कमला वनवासी के साथ वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र के गोसाईपुर के बड़कीबारी गांव स्थित ससुराल में रहकर स्थानीय ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था.
आरोप है कि करीब पांच-छह दिन पहले राम जन्म पर चोरी का आरोप लगाया गया. इसके बाद ईंट-भट्ठा मालिक और उसके तीन साथियों ने कथित तौर पर उसे लाठी-डंडों से जमकर पीटा. गंभीर रूप से घायल राम जन्म की बाद में मौत हो गई। घटना के बाद उसका शव गोसाईपुर इलाके में बरामद हुआ था.
शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में परिजनों ने शव की शिनाख्त राम जन्म वनवासी के रूप में की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों को मौत का कारण बताया गया, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया.
सोशल मीडिया पर मामला वायरल होते ही हरकत में आई पुलिस —
26 अगस्त को पुलिस के प्रेस नोट के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक की पत्नी सीता की तहरीर पर थाना चोलापुर में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया गया.
पुलिस ने घटना से संबंधित वीडियो के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अजय सिंह पुत्र राजेंद्र प्रसाद सिंह निवासी शिवदासा, थाना चौबेपुर और विशाल सिंह पुत्र स्व. रमेश सिंह निवासी गरथौली, थाना चौबेपुर को हिरासत में लिया है.
पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच और साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है।
चोरी का आरोप आखिर किस आधार पर लगाया गया और मजदूर की पिटाई में कौन-कौन शामिल था, पुलिस जांच के बाद इसकी तस्वीर और साफ होगी. मामले ने मजदूरों की सुरक्षा और कानून हाथ में लेकर मारपीट करने की घटनाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं









