चंदौली—सुरक्षा के नाम पर चौकसी और गश्त के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन आरपीएफ बैरक परिसर में चोरों ने इन दावों की पोल खोल दी. मुग़लसराय कोतवाली क्षेत्र के रेलवे चौकी अंतर्गत आरपीएफ कॉलोनी के क्वार्टर नंबर-1610 में चोरों ने धावा बोलकर बीती रात नगदी, आभूषण, सिलेंडर समेत कीमती सामान पार कर दिया. घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है.
जानकारी के अनुसार, पंडित दीनदयाल जंक्शन पर SIB पोस्ट पर तैनात इंस्पेक्टर संदीप जयसवाल क्वार्टर बंद कर दो दिन पहले परिवार सहित अपने गांव नौगढ़ के मझगाई गए थे. इसी दौरान चोरों ने उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाया और बंद क्वार्टर को निशाना बना दिया. चोरों ने घर खंगाला और जो हाथ लगा, उसे लेकर फरार हो गए.
हैरानी की बात यह है कि आरपीएफ बैरक परिसर जैसा सुरक्षित माना जाने वाला स्थान भी चोरों से महफूज नहीं रहा. आसपास के लोगों ने संदिग्ध गतिविधियां देखे जाने की बात कही है. ऐसे में सवाल उठता है कि जब परिसर में निगरानी और गश्त का दावा किया जाता है तो आखिर चोरों को वारदात करने और निकलने का मौका कैसे मिल गया?
घटना की सूचना डायल-112 को दी गई. पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है. अब पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ चोरी का खुलासा करना नहीं, बल्कि यह भी स्पष्ट करना है कि सुरक्षा के घेरे में सेंध लगाने वाले चोर आखिर कौन थे और वारदात के दौरान निगरानी व्यवस्था कहां थी?
बैरक में चोरी की इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है. इस संबंध में मुगलसराय थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है.
रातभर पुलिस और ‘पैंथर’ का भ्रमण, फिर भी क्वार्टर में चोरी! सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल —
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस इलाके में सुरक्षा के लिए पुलिस की ‘पैंथर’ टीम के भ्रमण का दावा किया जाता है, वहीं चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर निकल गए. आसपास के लोगों ने भी संदिग्ध गतिविधियां देखे जाने की बात बताई है.
घटना की जानकारी मिलने पर डायल-112 को सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल में जुटी है. अब सवाल सिर्फ चोरी का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी का भी है.
अगर पुलिस और पैंथर टीम की गश्त के बावजूद चोर बंद क्वार्टर का ताला तोड़कर सामान समेट ले गए, तो आखिर गश्त का असर जमीन पर कितना है? क्या चोरों को पुलिस की मौजूदगी का डर नहीं रहा, या फिर निगरानी व्यवस्था में ही कोई बड़ी चूक हुई?
आरपीएफ बैरक जैसे परिसर में हुई चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि पुलिस चोरी का खुलासा कर चोरों तक कब पहुंचती है और गश्त के बावजूद हुई इस वारदात की वजह क्या सामने आती है.











