चंदौली—जिले के बलुआ थाना पुलिस और जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फर्जी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य संचालक समेत 12 आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ‘रीडर्स कम्युनिटी क्लब’ नाम से लाइब्रेरी का स्वरूप देकर शेयर मार्केट और इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहे थे. कार्रवाई में 24 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 42 सिम कार्ड समेत बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
पुलिस के अनुसार 24 अगस्त 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बलुआ थाना क्षेत्र के ग्राम सराय रसूलपुर में एक मकान में लाइब्रेरी की आड़ में संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. सूचना के आधार पर प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में बलुआ पुलिस और साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंची. वहां कई लोग मोबाइल फोन और लैपटॉप के जरिए काम करते मिले. पूछताछ और मौके से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों व दस्तावेजों की जांच में शेयर मार्केट/इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी नेटवर्क संचालित किए जाने का खुलासा हुआ.
250 ग्राहकों का मिला रिकॉर्ड —
पुलिस ने मौके से सात हस्तलिखित डायरी और दो रजिस्टर बरामद किए। इनके अवलोकन में करीब 250 लोगों के नाम, मोबाइल नंबर और शेयर मार्केट /ट्रेडिंग से संबंधित प्रविष्टियां मिलीं. पुलिस ने इनमें दर्ज कुछ नंबरों पर संपर्क किया तो तीन लोगों ने शेयर मार्केट से जुड़ी गतिविधियों के नाम पर उनके साथ करीब 9.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी/आर्थिक क्षति होने की जानकारी दी.
ऐसे फंसाते थे ग्राहकों को —
पूछताछ में मुख्य संचालक आंनद मौर्या के हवाले से पुलिस ने बताया कि गिरोह के लोग संभावित ग्राहकों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें फोन करते थे। खुद को शेयर मार्केट का जानकार और Investment Adviser बताकर अधिक लाभ दिलाने का भरोसा दिया जाता था। विश्वास में लेने के बाद ग्राहकों से उनके देमट/ट्रेडिंग अकाउंट की जानकारी और एक्सेस प्राप्त कर उनके खातों से शेयर मार्केट में ट्रेडिंग की जाती थी.
पुलिस के मुताबिक ट्रेडिंग में नुकसान होने पर उसका भार खाताधारक को उठाना पड़ता था. इसके बाद संबंधित मोबाइल फोन को बंद कर दिया जाता था. पुलिस ने बरामद डायरियों और रजिस्टरों में शेयर मार्केट क्लाइंट्स , अकाउंट हैंडलिंग , प्रॉफिट /लॉस , मेम्बरशिप और शेयरिंग से संबंधित रिकॉर्ड भी पाया है.
हार्ड डिस्क में मिला डेटा, 42 सिम बरामद —
कार्रवाई के दौरान मुख्य संचालक आनंद मौर्या के कब्जे से ऐप्पल का लैपटॉप, HP एलिटबुक , इफ़ोन और लावा कीपैड मोबाइल बरामद किया गया। इसके अलावा एक Seagate कंपनी की 250 GB इंटरनल हार्ड डिस्क डेटा पावर केबल सहित मिली, जिसे आरोपित ने अपना बताया। पुलिस ने मौके से कुल चार लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, मोबाइल में लगे 42 सिम कार्ड, सात हस्तलिखित डायरी और दो हस्तलिखित रजिस्टर बरामद किए. पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना बलुआ में मु0अ0सं0 254/2026 के तहत धारा 318(4), 61(2), 3(5) बीएनएस और 66D आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है. पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों और नेटवर्क से जुड़े लोगों के संबंध में भी जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, डायरी और रजिस्टर की जांच से फर्जी Investment Advisory नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन का भी खुलासा होने की संभावना है।









