डीडीयू नगर के नए कमांडेंट दिनेश सिंह तोमर की तैनाती की खबर आई सुर्खियों में, विवादों से रहा है गहरा नाता, शासनादेश के बाद कर्मचारी हैरत में… जाने कौन है दिनेश सिंह तोमर
चंदौली/डीडीयू नगर— रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में हुए नवीन फेरबदल के बाद डीडीयू नगर में नए कमांडेंट के रूप में दिनेश सिंह तोमर की तैनाती होते ही विभागीय गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. बिलासपुर रेल मंडल में वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रहते हुए उनके व्यवहार, कार्यशैली और कर्मचारियों के साथ टकराव के कई मामले सुर्खियों में रहे हैं. अब उनकी डीडीयू पोस्टिंग के बाद यहां के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी चिंता का माहौल दिखाई दे रहा है.
कौन हैं दिनेश सिंह तोमर?
दिनेश सिंह तोमर रेलवे सुरक्षा बल के मध्यम वरिष्ठता वाले अधिकारी हैं, और पिछले कुछ वर्षों में उनका नाम कई विवादों के कारण चर्चा में रहा है। बिलासपुर रेल मंडल में उनकी पोस्टिंग सबसे ज्यादा विवादित मानी गई, जहां कर्मचारियों ने उनके व्यवहार पर कई गंभीर आरोप लगाए.
मानवाधिकार आयोग में 11 बिंदुओं की शिकायत—
ताजा जानकारी के अनुसार, बिलासपुर में उनकी तैनाती के दौरान उनके खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में विस्तृत शिकायत दर्ज हुई है. शिकायत में 11 प्रमुख बिंदुओं पर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें कर्मचारियों को अनावश्यक मानसिक दबाव देने, कठोर व्यवहार, बिना कारण कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल हैं.
प्रताड़ना का आरोप, सिपाही ने खाया था जहर—
उनके कार्यकाल से जुड़ी सबसे गंभीर घटना में एक आरपीएफ सिपाही द्वारा कथित प्रताड़ना से तंग आकर जहर खा लेने का मामला भी शामिल है। यह मामला उस समय काफी चर्चा में आया था और उसका वीडियो भी वायरल हुआ था। आरोप है कि अधिकारी के लगातार दबाव और व्यवहार से परेशान होकर जवान ने यह कदम उठाया था। यह प्रकरण आज भी जांच के दायरे में है।
कई विभागीय जांचें लंबित—
सूत्रों का कहना है कि बिलासपुर में उनके खिलाफ कई विभागीय जांचें चल रही हैं. कुछ मामलों में गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं. हालांकि रेलवे प्रशासन द्वारा आधिकारिक रूप से किसी जांच के नतीजे की पुष्टि नहीं की गई है.
तबादले के बाद फिर चर्चा में आए—
आरपीएफ मुख्यालय ने उन्हें डीडीयू नगर के लिए कमांडेंट नियुक्त किया है. आदेश जारी होते ही यह नियुक्ति चर्चा का विषय बन गई. कर्मचारियों का कहना है कि वे चाहते हैं कि नए अधिकारी की कार्यशैली अनुशासन के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण भी रखे, ताकि कार्य वातावरण बेहतर रह सके. डीडीयू नगर में उनकी संभावित शैली को देखते हुए कई कर्मचारी पहले से ही सतर्क हैं. कुछ कर्मचारियों ने अनौपचारिक रूप से चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि बिलासपुर में जिन विवादों से उनका नाम जुड़ा, वे यहाँ दोहराए न जाएं. रेलवे विभाग में यह पोस्टिंग कितनी सुचारु रहती है और जांचों का असर उनकी कार्यशैली पर क्या पड़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकेगा. फिलहाल डीडीयू नगर में नए कमांडेंट की तैनाती को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं.