वाराणसी—शहर में अवैध खनन का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है. आदमपुर थाना क्षेत्र के कज्जाकपुरा स्थित आदमपुर जोन कार्यालय परिसर में चल रहे सरकारी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग निर्माण की आड़ में करोड़ों रुपये की मिट्टी का अवैध खनन किए जाने के आरोप सामने आए हैं. आरोप है कि निर्माण कार्य के नाम पर निकल रही मिट्टी को जेसीबी, हाइवा और ट्रैक्टरों के जरिए उठाकर बाजार में बेचा जा रहा है.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पुराने जोन कार्यालय को तोड़कर नए सरकारी भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसी दौरान भारी मात्रा में मिट्टी निकाली जा रही है, जिसे रात-दिन हाइवा और ट्रैक्टरों पर लादकर बाहर भेजा जा रहा है. बताया जा रहा है कि यह मिट्टी शहर और आसपास के इलाकों में बेची जा रही है, जिससे खनन माफिया को मोटा मुनाफा हो रहा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा खेल खनन विभाग की कथित मौन स्वीकृति से चल रहा है. न तो मिट्टी के निस्तारण का स्पष्ट रिकॉर्ड सामने आ रहा है और न ही यह जानकारी कि निकाली गई मिट्टी को सरकारी मानकों के अनुसार कहां डंप किया जा रहा है. इससे खनन माफिया और विभागीय मिलीभगत के आरोप और गहरे हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से क्षेत्र में धूल, जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही. सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यदि यह कार्य पूरी तरह वैध है, तो फिर रात के अंधेरे में मिट्टी ढुलाई क्यों की जा रही है.
फिलहाल, इस पूरे मामले में प्रशासन और खनन विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है. यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो सरकारी निर्माण की आड़ में चल रहा यह अवैध खनन का खेल और भी बड़े स्तर पर फैल सकता है.
बनारस में चल रहा करोड़ों का मिट्टी खनन का खेल, आदमपुर में सरकारी निर्माण की आड़ में खनन माफिया सक्रिय, जेसीबी–हाइवा लगा कर निकाल रहे मिट्टी
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