पूर्वांचल का चंदौली जिला बना क्राइम का हॉटस्पॉट: एक माह के अंदर हुई छठवीं हत्या, चोरी-लूट की वारदातों से भी दहला जिला: दो आईपीएस की तैनाती के बाद भी कम नहीं हो रहा क्राइम… पढ़े पी7 न्यूज की विशेष रिपोर्ट
चंदौली—पूर्वांचल में अपराध के लिहाज से चंदौली जिला इन दिनों गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। बीते एक माह के भीतर लगातार छह हत्याओं ने जिले की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हत्या, चोरी, लूट और राहजनी की बढ़ती घटनाओं के चलते चंदौली अब अपराध का हॉटस्पॉट बनता नजर आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिले में दो आईपीएस अधिकारियों की तैनाती के बावजूद बदमाशों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
अपराध की कड़ी की शुरुआत 18 नवंबर को हुई, जब जमीन विवाद से जुड़े मामले में रोहिताश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम देने वाले शूटर अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इसके महज दो दिन बाद 20 नवंबर को अलीनगर थाना क्षेत्र के परोरवा गांव में राजकुमार नामक युवक की ईंट से कूचकर हत्या कर दी गई। यह वारदात भी मामूली विवाद के बाद हुई, जिसने क्षेत्र में दहशत फैला दी।
इसके बाद 23 नवंबर को सैयदराजा थाना क्षेत्र के काजीपुर गांव में पीयूष नामक युवक की लाठी-डंडों और शराब की बोतल से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। 30 नवंबर को मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के मडिया इलाके में मामूली विवाद ने फिर खूनखराबे का रूप ले लिया, जहां रोहित निषाद की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई।
अपराध का सिलसिला यहीं नहीं थमा। 5 दिसंबर को सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नानार तुलसी आश्रम रेलवे स्टेशन के समीप व्यापारी ओमप्रकाश मौर्य की लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। ताजा और छठवीं घटना 15 दिसंबर को सैयदराजा थाना क्षेत्र के दुधारी गांव में सामने आई, जहां चोरी में असफल बदमाशों ने गृह स्वामी के 15 वर्षीय पुत्र को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
दुधारी गांव में घटना के बाद तप्तीश करती पुलिस—
लगातार हो रही इन हत्याओं के साथ-साथ डीडीयू सर्किल और आसपास के इलाकों में चोरी, उचक्का-गिरी, बाइक चोरी और राहजनी की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। बीते 24 घंटों में दो मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं ने पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अनुभवी पुलिसकर्मियों की कमी और खुफिया तंत्र की निष्क्रियता अपराध बढ़ने का बड़ा कारण बन रही है।
नागरिकों का कहना है कि वर्षों से इलाके को समझने वाले कुशल पुलिसकर्मियों को नौगढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है, जिससे शहरी व संवेदनशील क्षेत्रों में अनुभवी बल की भारी कमी हो गई है। लोगों ने पुलिस अधीक्षक से जिले की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर अनुभवी पुलिसकर्मियों की पुनर्तैनाती, खुफिया तंत्र को मजबूत करने और प्रभावी गश्त बढ़ाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन अपराध नियंत्रण के दावे कर रहा है, लेकिन लगातार हो रही हत्याओं ने आमजन में भय और आक्रोश दोनों बढ़ा दिए हैं। अब देखना होगा कि जिला पुलिस इन घटनाओं से सबक लेकर कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाती है या चंदौली यूं ही अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना रहेगा।