चंदौली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन रेल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में आ गई है। लगातार दूसरे दिन चलती ट्रेन में यात्री की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने रेलवे सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार सुबह मुगलसराय और वाराणसी रेलखंड के बीच कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस में एक यात्री की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पहले रविवार को भी ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन में बदमाशों ने एक यात्री की गोली मारकर हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। दो दिनों में दो सनसनीखेज वारदातों से यात्रियों में दहशत फैल गई है।
सोमवार सुबह मुगलसराय-ब्लॉक हट-बी सेक्शन के पास कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस के बाथरूम के समीप एक यात्री का रक्तरंजित शव मिला। मृतक के सिर में गोली मारी गई थी। बताया जा रहा है कि मृतक बिहार का निवासी था और अपने रिश्तेदारों के साथ धार्मिक यात्रा पर निकला था। ट्रेन में हत्या की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी पर जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई।
चंदौली एसपी प्रशांत कुमार वर्मा के अनुसार जम्मूतवी एक्सप्रेस रात करीब 1:30 बजे दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से लखनऊ की ओर रवाना हुई थी। कुछ दूर सिकटिया के समीप पहुंचने पर जनरल टिकट लेकर एस-2 कोच में बैठे एक यात्री को बदमाश ने अचानक गोली मार दी। गोली लगते ही ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद आरोपी ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। यात्रियों ने तत्काल घटना की सूचना जीआरपी को दी। मृतक की पहचान बिहार के पिपरिया गया निवासी 57 वर्षीय दिनेश साह के रूप में हुई है। एसपी ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। साथ ही मृतक के परिजनों और यात्रियों से पूछताछ कर हमलावर का हुलिया जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बदमाश ने वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। जिस तरह चलती ट्रेन में आरोपी आसानी से कोच तक पहुंचा और हत्या के बाद फरार हो गया, उसने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।
इसी रेल मंडल में रविवार सुबह भी मुगलसराय से ताड़ीघाट जा रही पैसेंजर ट्रेन में बदमाशों ने गाजीपुर के जमनिया निवासी 34 वर्षीय मंगरू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना कुचमन और सकलडीहा रेलवे स्टेशन के बीच हुई थी। हत्या के बाद बदमाश शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर फरार हो गए थे। लगातार दो दिनों में चलती ट्रेनों में हुई हत्याओं ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि डीडीयू जंक्शन जैसे अति संवेदनशील रेलवे मंडल में भी ट्रेनों में पर्याप्त सुरक्षा जांच, गश्त और निगरानी नहीं हो रही है। लंबी दूरी की ट्रेनों में आरपीएफ और जीआरपी की मौजूदगी केवल औपचारिक बनकर रह गई है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हथियारबंद बदमाश ट्रेन में कैसे चढ़ रहे हैं और वारदात के बाद आसानी से फरार भी हो जा रहे हैं।
दो बड़ी घटनाओं के बाद रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड में दिख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है और अपराधियों की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज, यात्रियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। हालांकि लगातार हो रही घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि डीडीयू रेल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर समीक्षा और सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
Chandauli Crime: डीडीयू रेल मंडल में खौफनाक वारदातों की बाढ़: 24 घंटे में चलती ट्रेन में दूसरी गोलीकांड हत्या, सुरक्षा व्यवस्था फेल होने पर जीआरपी-आरपीएफ पर उठे बड़े सवाल
अगला लेख










