चंदौली—मार्च 2026 में तत्कालीन एडीजी पीयूष मोडिया के निर्देश पर मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के बखरा/सेमरा सिंवान में संचालित कथित अंतरजनपदीय जुआ सिंडिकेट पर हुई बड़ी कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है. उस समय एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने जुए के फड़ पर छापेमारी कर 14 जुआरियों को गिरफ्तार किया था. मौके से 52 मोटरसाइकिलें, एक लाख रुपये से अधिक की नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया था.
मामले में 22 लोगों को नामजद करते हुए कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके बाद सिंडिकेट से कथित मिलीभगत के आरोपों को लेकर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी और चौकी इंचार्ज के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई थी. इस पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) अनंत चंद्रशेखर कर रहे हैं.
इधर, एडीजी पीयूष मोडिया के तबादले के बाद पुलिस महकमे में यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि विभागीय जांच में तत्कालीन मुगलसराय प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के खिलाफ लगे आरोप साबित नहीं होते हैं और उन्हें क्लीन चिट मिलती है, तो क्या उन्हें दोबारा मुगलसराय कोतवाली का प्रभार सौंपा जाएगा. हालांकि, सभी की निगाहें विभागीय जांच की रिपोर्ट और फैसले पर टिकी है.










