Jai prakash tiwari (jai tiwari)
चंदौली— ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन रविवार की सुबह सामान्य दिनों की तरह शुरू हुई थी। डिब्बे में बैठे यात्री अपनी-अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे थे। कोई मोबाइल देख रहा था, कोई खिड़की से बाहर गुजरते खेत और स्टेशन। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ मिनटों में उसी बोगी में मौत दस्तक देने वाली है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से रवाना हुई ताड़ीघाट पैसेंजर ट्रेन जैसे ही कुचमन रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी एक युवक बैग लेकर बोगी में चढ़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक बेहद शांत था। उसने तेजी से इधर-उधर नजर दौड़ाई और सीधे सामने की सीट पर बैठे युवक के पास पहुंच गया। बिना समय गवाए उसने पिस्टल निकाली और सामने बैठे युवक के कनपटी को उड़ा दिया। घटना के बाद कई यात्रियों की हालत खराब हो गई। कुछ देर तक बोगी में ऐसा सन्नाटा पसरा रहा मानो लोग सदमे में हों। यात्रियों का कहना था कि शूटर के चेहरे पर जरा भी घबराहट नहीं थी। उसने पूरी वारदात ऐसे अंजाम दी, जैसे पहले से सब कुछ तय हो। अब पुलिस ट्रेन में मौजूद यात्रियों से पूछताछ कर रही है और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि उस शूटर तक पहुंचा जा सके जिसने महज पांच मिनट में एक युवक की जिंदगी खत्म कर दी और फिर चलती ट्रेन से कूदकर गायब हो गया।
कनपटी पर पिस्टल सटाई और चला दी गोली —
चश्मदीदों के अनुसार, बोगी में बैठे लोगों को कुछ समझ आता उससे पहले ही शूटर ने युवक की कनपटी पर पिस्टल सटा दी। अगले ही पल तेज धमाके की आवाज गूंजी और पूरी बोगी सन्न रह गई। गोली लगते ही युवक सीट पर ही ढेर हो गया।
मृतक की पहचान गाजीपुर जिले के जमानिया निवासी 34 वर्षीय मंगरू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गोली इतनी नजदीक से मारी गई थी कि उसे संभलने तक का मौका नहीं मिला।हत्या के बाद लाश को ट्रेन से नीचे फेंका
हत्या के बाद लाश को ट्रेन से नीचे फेंका —
वारदात यहीं खत्म नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हत्या के तुरंत बाद शूटर ने बोगी में बैठे यात्रियों को घूरकर देखा। दहशत ऐसी थी कि कोई अपनी सीट से उठ तक नहीं सका। इसी बीच उसने मंगरू के शव को खींचकर ट्रेन के दरवाजे तक ले गया और चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। पूरी घटना महज पांच मिनट के भीतर अंजाम दे दी गई। बोगी में बैठे लोग खौफ के कारण चुपचाप सब कुछ देखते रहे।
दस किलोमीटर बाद चलती ट्रेन से कूद गया शूटर —
सूत्रों के अनुसार हत्या के बाद भी शूटर कुछ देर तक उसी बोगी में मौजूद रहा। करीब दस किलोमीटर तक ट्रेन आगे बढ़ती रही। जैसे ही ट्रेन की रफ्तार कुछ कम हुई, वह दरवाजे के पास पहुंचा और चलती ट्रेन से छलांग लगाकर फरार हो गया।
यात्रियों ने राहत की सांस तो ली, लेकिन किसी की हिम्मत तुरंत पुलिस को रोककर जानकारी देने की नहीं हुई। बाद में मामले की सूचना रेलवे और स्थानीय पुलिस तक पहुंची।
शराब तस्करी और मुखबिरी एंगल पर जांच —
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और चंदौली पुलिस सक्रिय हो गई। एसआरपी प्रयागराज और एसपी रेल प्रशांत वर्मा भी चंदौली पहुंचे। अधिकारियों ने सीओ कुंवर प्रभात सिंह के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया.
सूत्रों के मुताबिक पुलिस इस हत्याकांड को शराब तस्करी और मुखबिरी से जोड़कर भी देख रही है। आशंका जताई जा रही है कि मंगरू किसी गिरोह की गतिविधियों की जानकारी देता था या फिर तस्करी नेटवर्क से जुड़े विवाद में उसकी हत्या कराई गई। हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।










