Chandauli Crime: रेवसा मुठभेड़ में पकड़े गए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र भारती ने दो दशक से फैला रखा था अपराध का नेटवर्क, 2002 में की पहली घटना, दर्ज हैं 40 मुकदमें
चंदौली—अलीनगर थाना क्षेत्र के रेवसा गांव में देर रात पुलिस मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र भारती लंबे समय से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों के चलते चर्चाओं में रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2002 से अपराध की दुनिया में सक्रिय धर्मेंद्र भारती पर लूट, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में करीब 40 मुकदमे दर्ज हैं. जानकारी के अनुसार, चंदौली जिले में उसके खिलाफ लूट सहित अन्य अपराध के लगभग 33 मामले दर्ज हैं, जबकि वाराणसी के भेलूपुर थाने में भी लूट समेत चार मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं. इसके अलावा मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र में भी हत्या और लूट जैसे गंभीर आरोपों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, धर्मेंद्र भारती ने समय के साथ अपना एक संगठित गिरोह तैयार कर लिया था और उसी के जरिए वारदातों को अंजाम देता था. उसका नेटवर्क बिहार तक फैला होने की भी चर्चा है. अपराध के साथ-साथ उसने स्थानीय राजनीति में भी दखल बनाया और पत्नी के प्रधान चुने जाने के बाद स्वयं प्रधानपति के रूप में प्रभाव बनाए रखा. ग्रामीणों का कहना है कि दबंग प्रवृत्ति के चलते वह गांव में लोगों पर दबाव बनाकर रहता था. हाल ही में वह मिर्जापुर में एक वारंट के मामले में जेल में बंद था और जमानत पर छूटकर बाहर आया था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह जिला बदर की कार्रवाई के दायरे में भी रहा है और लंबे समय तक जिले से बाहर भी रहा. फिलहाल पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी को बड़ी सफलता मान रही है.