चन्दौली। मुगलसराय कस्बे की रातें इन दिनों सिर्फ सन्नाटे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बंद हो चुकी दुकानों के शटर के पीछे चल रही गतिविधियां भी चर्चा का विषय बन गई हैं। देर रात तक लाइसेंसी शराब दुकानों से बिक्री की खबरों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बीती रात जब मामले ने तूल पकड़ा, तो तत्कालीन इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह के निलंबन की कार्रवाई सामने आई। पुलिस विभाग ने अपनी ओर से जिम्मेदारी तय करते हुए कदम उठाया, लेकिन स्थानीय स्तर पर उठ रही चर्चाएं कहानी का दूसरा पक्ष भी सामने ला रही हैं।
सूत्र बताते हैं कि यह मामला केवल पुलिस की लापरवाही तक सीमित नहीं है। आबकारी विभाग, जिसकी जिम्मेदारी शराब बिक्री और निगरानी की होती है, उसकी कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि दिन में औपचारिक निरीक्षण के बाद रात के समय दुकानों पर कोई प्रभावी निगरानी नहीं होती, जिससे शटर के अंदर से बिक्री जारी रहती है।
कस्बे के लोगों के बीच यह चर्चा आम है कि अगर निगरानी व्यवस्था मजबूत होती, तो देर रात बिक्री संभव ही नहीं थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई पर्याप्त है, या फिर पूरे तंत्र की जवाबदेही तय करने की जरूरत है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या रुख अपनाता है—क्या जांच का दायरा बढ़ेगा या फिर यह मामला केवल एक कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा।
Chandauli News: चन्दौली में रात के सन्नाटे में खुलते हैं शराब ठेकों के शटर: कार्रवाई से पुलिस विभाग पस्त, असल गुनहगार आबकारी विभाग मस्त… पढ़े P-7 न्यूज की खास रिपोर्ट
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