चंदौली— उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला अध्यक्ष आनंद कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में भदोही के सांसद विनोद कुमार बिंद से मुलाकात कर टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए.
जिला अध्यक्ष आनंद कुमार पाण्डेय ने सांसद को बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के अनुसार आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त परिषदीय शिक्षकों के लिए भी 31 अगस्त 2028 तक टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्धारित समय सीमा तक परीक्षा पास नहीं करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है.
शिक्षक संघ ने कहा कि इस निर्णय से पिछले 20-25 वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों के सम्मान, आजीविका और भविष्य पर संकट उत्पन्न हो गया है। नौकरी जाने की आशंका के कारण शिक्षक और उनके परिवार मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं.
संघ ने सांसद से अनुरोध किया कि इस विषय पर लोकसभा में अध्यादेश या नया कानून लाकर आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.
इस दौरान सांसद विनोद कुमार बिंद ने शिक्षकों की समस्याओं के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्व निर्धारित सभी सेवा शर्तें पूरी कर चुके शिक्षकों को दोबारा टीईटी परीक्षा देने के लिए बाध्य करना नैसर्गिक न्याय के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस गंभीर विषय को संसद में उठाया जाएगा और सरकार का ध्यान आकर्षित कर शिक्षकों के हित में समाधान निकालने का पूरा प्रयास किया जाएगा.
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महामंत्री सुनील कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष शशिकांत गुप्त, जिला मीडिया प्रभारी बलराम पाठक, अजीत सिंह, राजकुमार जायसवाल, सरोज उपाध्याय, इरफान अली मंसूरी, अशोक पाल, धनंजय सिंह, हिमांशु तिवारी, संदीप दुबे, मेराज अहमद, रामाज्ञा शर्मा, श्रीकांत खरवार, शेषधर तिवारी सहित शिक्षक संघ के अनेक पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे.
Chandauli News: टीईटी अनिवार्यता पर शिक्षक संघ ने सांसद विनोद कुमार बिंद को सौंपा ज्ञापन, संसद में मुद्दा उठाने का आश्वासन

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