चंदौली/वाराणसी। चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र स्थित सहजौर गंगा घाट पर रविवार सुबह एक युवक का शव उतराता मिला, जिसकी पहचान बाद में कानपुर निवासी 26 वर्षीय हर्षित वर्मा के रूप में हुई. इस घटना ने वाराणसी और आसपास के जिलों में जुड़े एक जटिल घटनाक्रम को सामने ला दिया है.
पुलिस के मुताबिक, मृतक के पास से मिले मोबाइल और सिम के आधार पर परिजनों को सूचना दी गई. परिजन मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया, जहां आगे की कार्रवाई जारी है.
जांच में सामने आया कि हर्षित की दोस्ती वाराणसी निवासी अंकित मिश्रा से हुई थी. अंकित और उसके कुछ साथी हर्षित पाठक, यीशु पांडे, सत्यम, सत्तू जेडी और विकाश सेटप मिलकर रियल एस्टेट के नाम पर काम कर रहे थे, लेकिन अंदरखाने सट्टेबाजी से जुड़े होने की बात भी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि हर्षित इस काम से अलग होना चाहता था, जिसे लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था.
घटना से चार दिन पहले हर्षित ने दिल्ली पुलिस में तैनात अपने एक परिचित को व्हाट्सएप मैसेज और वॉइस रिकॉर्डिंग भेजकर आरोप लगाया था कि कुछ लोग उसे पैसों के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं और उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा है. इसके बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया.
परिजनों का आरोप है कि अंकित मिश्रा और उसके साथी हर्षित को जबरदस्ती वाराणसी लेकर आए थे. साथ ही, उसकी बहन को भी परेशान करने की कोशिश की जा रही थी.
अब सवाल यह है कि हर्षित की हत्या कर शव को गंगा में फेंका गया या फिर दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आत्महत्या की. वाराणसी के लंका थाना पुलिस और मुगलसराय कोतवाली पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटी हैं. घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा.
Chandauli News: चंदौली में गंगा किनारे मिली युवक की लाश, बनारस से जुड़ा मामला—दोस्ती, सट्टेबाजी और दबाव की कहानी में उलझी हर्षित के मौत की मिस्ट्री… P-7 पर पढ़े क्या है पूरा मामला
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