चंदौली— चिलचिलाती धूप में जहां एक ओर सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को स्कूल से जोड़ने और बेहतर सुविधाएं देने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कंपोजिट विद्यालय रूपेठा से सामने आए एक वीडियो ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल में मरम्मत कार्य के दौरान बच्चों से बालू, ईंट और अन्य निर्माण सामग्री ढुलवाने का वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
वायरल वीडियो में निर्माण सामग्री ढ़ोते बच्चे —
वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि मासूम बच्चे तेज धूप में निर्माण सामग्री ढोते नजर आ रहे हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों से इस तरह का काम कराना न सिर्फ शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है, बल्कि उनके स्वास्थ्य के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। वहीं, इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र प्रताप सहाय ने सफाई देते हुए कहा कि विद्यालय परिसर में बालू पड़ा था, जिसे हटवाने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान एक-दो बच्चों की तस्वीर वीडियो में आ गई है।
बीएसए ने दिए जांच के आदेश-
बीएसए ने दिए जांच के आदेश मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए चंदौली सचिन कुमार ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं और सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।