Jai prakash tiwari (जय तिवारी )
चंदौली। पूर्वांचल के जिलों में वर्षों से जड़ जमाए अवैध सूदखोरी के खिलाफ पहली बार किसी जिले में ठोस और प्रत्यक्ष कार्रवाई सामने आई है। पुलिस अधीक्षक चंदौली आकाश पटेल के निर्देश पर पुलिस ने सूदखोरों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा है। पूर्वांचल में सूद और ब्याज पर पैसा लेने का चलन लंबे समय से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की मजबूरी बना हुआ है। जरूरत के समय लोग ऊंचे ब्याज पर कर्ज तो ले लेते हैं, लेकिन इसके बाद उनकी जिंदगी एक तरह से कर्जदाताओं के शिकंजे में फंस जाती है। सूदखोर अक्सर रोजाना, साप्ताहिक या मासिक आधार पर ब्याज की वसूली करते हैं। कई मामलों में तय समय से पहले ही पैसा मांगना, बार-बार घर पहुंचकर दबाव बनाना, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना और मानसिक दबाव बनाना आम बात हो गई है।
ऐसी परिस्थितियों में कई पीड़ित आर्थिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी टूट जाते हैं। कई मामलों में परिवार की जमा पूंजी, जमीन या आभूषण तक गिरवी रखने पड़ते हैं। इसके बावजूद कर्ज खत्म नहीं होता और ब्याज का बोझ बढ़ता ही जाता है। क्षेत्र में पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां लोग इस दबाव से उबर नहीं पाए। इसी पृष्ठभूमि में शनिवार को अलीनगर थाना क्षेत्र के सिकठिया परशुरामपुर निवासी मो. लक्ष्मण ने मुगलसराय थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसने करीब पांच वर्ष पूर्व कुछ लोगों से ब्याज पर पैसा लिया था। पीड़ित के अनुसार, उसने मूलधन और ब्याज दोनों चुका दिए, लेकिन इसके बाद भी आरोपित लगातार अतिरिक्त धन की मांग कर रहे हैं। पैसा न देने पर गाली-गलौज और दबाव बनाने जैसी घटनाएं भी सामने आईं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दिनेश जायसवाल, राकेश, दिनेश मलिक, पवन सिंह और लालबाबू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की कड़ी हो सकता है, जिसकी गहन पड़ताल की जा रही है।
सूदखोरों को चिन्हित कर होगी कार्रवाई, जिले भर में चलेगा अभियान- एसपी आकाश पटेल —
एसपी आकाश पटेल ने सभी अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना लाइसेंस सूदखोरी कर आम जनता का आर्थिक और मानसिक शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में पुलिस को तुरंत सूचना दें, ताकि साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस कार्रवाई के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि पूर्वांचल में लंबे समय से सक्रिय सूदखोरी के अवैध कारोबार पर अब प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।





