चंदौली। जिले में सैयदराजा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गो तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। इस मामले में पहली बार किसी महिला की गिरफ्तारी सामने आने से पूरे पूर्वांचल में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार, तस्करी का तरीका बेहद अलग और चौंकाने वाला था। गिरोह पहले वाराणसी ग्रामीण क्षेत्र से दलालों के जरिए मवेशियों की खरीद करता था। इसके बाद पिकअप वाहन से मवेशियों को बिहार बॉर्डर तक पहुंचाया जाता था। खास बात यह थी कि एक बार में केवल एक ही मवेशी को वाहन में लादा जाता था, ताकि किसी को शक न हो। तस्करी के दौरान पिकअप में चालक के बगल में महिला को बैठाया जाता था, जिससे पुलिस चेकिंग के दौरान वाहन सामान्य प्रतीत हो और उसे रोका न जाए। पूछताछ में महिला ने पहले खुद को मायके मवेशी ले जाने की बात कही, लेकिन सख्ती से पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया। पुलिस के मुताबिक, एक मवेशी को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने पर महिला को एक हजार रुपये मिलते थे, जबकि पिकअप मालिक और चालक को करीब पांच हजार रुपये दिए जाते थे। सैयदराजा पुलिस ने छापेमारी के दौरान महिला, चालक, एक मवेशी और पिकअप वाहन को कब्जे में लिया है। इसके साथ ही पिकअप मालिक और अन्य तस्करों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पूर्वांचल में फैला है नेटवर्क, जांच जारी —
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मवेशियों को वाराणसी के कलेक्ट्रेट फार्म क्षेत्र से लोड कर बिहार सीमा तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर कार्रवाई की जा सके।





