चन्दौली— रात का सन्नाटा, सुनसान हाईवे और किनारे खड़े भारी वाहन—इन्हीं हालातों को मौका बनाकर एक शातिर गैंग डीजल चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखता था, लेकिन अंधेरे के बीच चल रही इस चोरी की कहानी अब पुलिस जांच में सामने आई है.
बीते 8 फरवरी को मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के छमिया रिंग रोड के पास खड़ी तीन ट्रेलर वाहनों से 43 टीना रिफाइंड और करीब 100 लीटर से ज्यादा डीजल को चुराने का मामला प्रकाश में आया था. मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी थी. रविवार को कोतवाली पुलिस ने गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से हाईवे किनारे खड़े ट्रकों से डीजल उड़ाने का काम कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, ये लोग पहले स्विफ्ट डिजायर और क्रेटा जैसी गाड़ियों से इलाके में घूमकर रेकी करते थे. जहां भी ट्रक या मालवाहक वाहन लंबे समय तक खड़े दिखते, वहीं अगली वारदात की जमीन तैयार हो जाती.
रात गहराने पर आरोपी चुपचाप मौके पर पहुंचते, पाइप के जरिए टैंकों से डीजल निकालते और गैलनों में भरकर फरार हो जाते. पूछताछ में सामने आया कि चोरी किए गए डीजल को बाद में फुटकर में बेच दिया जाता था, जिससे जल्दी नकदी हासिल हो सके.
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि यह गिरोह सिर्फ चन्दौली तक सीमित नहीं था, बल्कि वाराणसी, गाजीपुर और बलिया जैसे जिलों में भी इसी तरीके से वारदातों को अंजाम दे चुका है. लगातार हो रही इन घटनाओं से ट्रक चालकों में भी असुरक्षा का माहौल था.
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में लगी हैं कि इस गैंग का दायरा कितना बड़ा है और किन-किन इलाकों में इन्होंने वारदात को अंजाम दिया है.






