चंदौली— एडीजी जोन वाराणसी के आदेशों के बावजूद चंदौली जिले में स्थानांतरण हुए मुख्य आरक्षियों की रवानगी अब तक नहीं हो सकी है। करीब सात महीने बीत जाने के बाद भी दो दर्जन से अधिक मुख्य आरक्षी अपने नए जनपदों में कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बीते 19 सितंबर 2025 को कुल 54 मुख्य आरक्षियों का तबादला चंदौली से मऊ, मिर्जापुर और बलिया जनपदों के लिए किया गया था, लेकिन यह मुख्य आरक्षी अब भी जिले में तैनाती पर हैं।
19 सितंबर 2025 को निकली थी गस्ती—
इस बीच जिले में तैनात रहे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक आदित्य लांघे का भी स्थानांतरण हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद लंबित रवानगी का मामला जस का तस बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि करीब दो दर्जन से अधिक मुख्य आरक्षी अभी भी चंदौली में ही डटे हुए हैं। विभागीय स्तर पर यह स्थिति प्रशासनिक आदेशों के अनुपालन को लेकर सवाल खड़े कर रही है। साथ ही, जिन जनपदों में इनकी तैनाती की गई है, वहां भी कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन यह मुद्दा पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है।