वाराणसी—काशी एक्सप्रेस ट्रेन में बम होने की झूठी सूचना देकर रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों को बार-बार दहशत में डालने वाला युवक आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया. वाराणसी और मऊ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने आरोपी राजेश शुक्ला को मुंबई से गिरफ्तार कर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन लाया है. आरोपी पहले भी दो बार इसी तरह की फर्जी सूचना दे चुका था, जबकि तीसरी बार मोबाइल फोन से दी गई धमकी ने उसकी पोल खोल दी.
तीन बार फैलाई दहशत, हर बार अलर्ट पर रहा प्रशासन
सीओ जीआरपी कुंवर प्रभात सिंह के अनुसार आरोपी ने 18 नवंबर 2025 और 6 जनवरी 2026 को प्रयागराज कंट्रोल रूम में फोन कर काशी एक्सप्रेस ट्रेन में बम रखे होने की झूठी सूचना दी थी. दोनों ही बार सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. ट्रेन को बीच रास्ते में रोककर घंटों सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.
यात्रियों को हुई भारी परेशानी—
फर्जी बम की सूचना के चलते यात्रियों को घंटों तक ट्रेन में रोके रखा गया। कई यात्रियों की कनेक्टिंग ट्रेनें छूट गईं, वहीं सुरक्षा जांच में रेल संचालन भी प्रभावित हुआ। लगातार दो बार फर्जी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तकनीकी निगरानी शुरू की.
मोबाइल कॉल से खुला राज—
तीसरी बार आरोपी ने मोबाइल फोन से बम की सूचना दी, जिसके बाद सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की गई. पुलिस ने मुंबई से उसे दबोच लिया. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह जीआरपी पुलिस को परेशान करने के इरादे से इस तरह की सूचनाएं देता था.
फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के पीछे कोई और उद्देश्य या मानसिक कारण तो नहीं था.





