Jai tiwari —
चंदौली—पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। बैठक में लंबित विवेचनाओं, महिला अपराध, लूट-चेन स्नैचिंग, वित्तीय धोखाधड़ी, यातायात व्यवस्था, CCTV और जनसुनवाई समेत कानून-व्यवस्था के विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई. इस दौरान कई थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया और लापरवाही के खिलाफ सख्त संदेश दिया गया.
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, विवेचना एवं कानून-व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी ही थानाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे. कार्य में लापरवाही और निष्क्रियता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
कई थानेदारों के बदले कार्यक्षेत्र —
समीक्षा बैठक के बाद कई निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों को नई जिम्मेदारी दी गई। जारी सूची के अनुसार प्रभारी निरीक्षक फूलपुर राजीव कुमार सिंह को पुलिस लाइन, प्रभारी निरीक्षक चौक दिलीप कुमार मिश्रा को पुलिस लाइन भेजा गया. वहीं प्रभारी निरीक्षक राजातालाब दयाराम को पुलिस लाइन भेजा गया. इसके अलावा निरीक्षक राजीव कुमार सिंह — प्रभारी निरीक्षक फूलपुर से पुलिस लाइन (स्थानान्तरणाधीन जनपद हेतु कार्यमुक्त).
निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा — प्रभारी निरीक्षक चौक से पुलिस लाइन.
निरीक्षक दयाराम — प्रभारी निरीक्षक राजातालाब से पुलिस लाइन.
निरीक्षक अजय राज वर्मा — प्रभारी निरीक्षक मण्डुवाडीह से प्रभारी निरीक्षक फूलपुर.
निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला — प्रभारी निरीक्षक चेतगंज से प्रभारी निरीक्षक चौक.
उपनिरीक्षक दिगम्बर उपाध्याय — थानाध्यक्ष लोहता से थानाध्यक्ष मण्डुवाडीह.
उपनिरीक्षक पवन पाण्डेय — चौकी प्रभारी रमना से थानाध्यक्ष चेतगंज.
उपनिरीक्षक अभिमजीत सिंह — प्रभारी मीडिया सेल, पुलिस आयुक्त से थानाध्यक्ष लोहता.
उपनिरीक्षक जितेन्द्र कुमार — थाना रोहनिया से थानाध्यक्ष राजातालाब।
सहायक पुलिस आयुक्त स्तर पर भी बदलाव— अपूर्व पाण्डेय — सहायक पुलिस आयुक्त कैंट से सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर क्राइम.
श्रीमती प्रज्ञा पाठक — अवकाश से वापसी के बाद सहायक पुलिस आयुक्त कैंट.
अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए SOG-2
कमिश्नरेट वाराणसी में जुआ, सट्टा, देह व्यापार, अवैध हुक्का बार और मादक पदार्थों की बिक्री जैसी अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी के लिए SOG-2 का गठन किया गया है. इसका प्रभारी उप निरीक्षक पंकज सिंह चौहान को बनाया गया है.
लंबित विवेचनाओं पर विशेष जोर —
बैठक में D-60 श्रेणी में 10 वर्ष से कम सजा वाले और D-90 श्रेणी में 10 वर्ष से अधिक सजा वाले अपराधों की लंबित विवेचनाओं की समीक्षा की गई. अधिकारियों को इन मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
महिला संबंधी अपराधों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई, पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर प्राथमिकता से संज्ञान लेने और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
लूट और चेन स्नैचिंग पर सख्ती —
पुलिस आयुक्त ने लूट और चेन स्नैचिंग जैसी घटनाओं के प्रभावी अनावरण के निर्देश दिए. ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने तथा दूसरे थाना क्षेत्रों में जाकर अपराध करने वाले अपराधियों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया.
ठगी के पीड़ितों को वापस दिलाई जाएगी रकम —
वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में धारा 111 BNS एवं धारा 107 BNSS के प्रावधानों का प्रभावी इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए, ताकि पीड़ितों को उनके नुकसान की भरपाई दिलाने की दिशा में कार्रवाई हो सके।
यातायात और अतिक्रमण पर भी सख्त निर्देश —
थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने और नियमित पैदल गश्त करने को कहा गया। सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। जिस थाना क्षेत्र में यातायात व्यवस्था खराब पाई जाएगी, वहां संबंधित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
स्कूल-कॉलेज और हॉस्टल की सुरक्षा की होगी जांच —
सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में स्थित स्कूल, कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों का भ्रमण कर वहां लगे CCTV कैमरों की स्थिति और क्रियाशीलता जांचने को कहा गया. जहां CCTV नहीं लगे हैं, वहां प्रबंधन से समन्वय कर कैमरे लगवाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल-कॉलेज व कोचिंग संस्थानों के आसपास शोहदों और अराजक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
थानों में CCTV हमेशा एक्टिव रखने का निर्देश —
सभी थाना परिसरों और संबंधित कार्यालयों में लगे CCTV कैमरों की नियमित जांच करने, उनकी रिकॉर्डिंग और बिजली आपूर्ति निर्बाध रखने तथा कैमरा खराब होने पर तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही हर FIR और गुमशुदगी की ACP स्तर पर समीक्षा करने तथा जरूरत के अनुसार विवेचकों को दिशा-निर्देश देने को कहा गया।
जनसुनवाई सर्वोच्च प्राथमिकता —
पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारियों को नियमित जनसुनवाई करने और आमजन के साथ शालीन, संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। थानों के CUG मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से रिसीव करने और किसी अपरिहार्य कारण से कॉल रिसीव न होने पर संबंधित व्यक्ति को वापस कॉल करने के निर्देश भी दिए गए।
जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी को लेकर अलर्ट —
आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी के मद्देनजर पुलिस को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी पुलिस प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
पुलिस आयुक्त का साफ संदेश है कि बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण में प्रदर्शन करने वालों को जिम्मेदारी मिलेगी, जबकि लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई तय है.









