वाराणसी/चंदौली—चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र निवासी युवक से रिश्वत मांगने के आरोप में वाराणसी एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने सिगरा थाना अंतर्गत काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी दरोगा शिवाकर मिश्रा को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई में चौकी पर तैनात सिपाही गौरव कुमार को भी हिरासत में लिया गया है.
एंटी करप्शन टीम के अनुसार दरोगा शिवाकर मिश्रा चंदौली के अलीनगर मुगलचक निवासी प्रह्लाद गुप्ता से एक मुकदमे में नाम हटाने के एवज में लगातार रुपये की मांग कर रहा था. आरोप है कि रुपये न देने पर चार्जशीट में नाम शामिल कर गिरफ्तारी और जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी.
पीड़ित प्रह्लाद गुप्ता और उनकी पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा है, जिसको लेकर पत्नी द्वारा कई मुकदमे दर्ज कराए गए थे. इन्हीं में से एक मुकदमे की विवेचना काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा के पास थी। विवेचना के दौरान पहले 50 हजार की मांग की गई, बाद में दबाव बनाने पर 20 हजार में सौदा तय हुआ.
शिकायत मिलने के बाद 28 जनवरी को एंटी करप्शन वाराणसी टीम ने निरीक्षक सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने चौकी में दरोगा को रिश्वत की रकम दी, दरोगा ने पैसे सिपाही गौरव कुमार को लेने के लिए कहा. इसी दौरान टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया.
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को लालपुर पांडेपुर थाने लाया गया, जहां एंटी करप्शन इंस्पेक्टर नीरज कुमार द्वारा तहरीर दी जा रही है. वहीं इस मामले में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हो रही है.
चंदौली निवासी युवक से रिश्वतखोरी करने के मामले में बनारस के इस चौकी प्रभारी को एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा. पढ़े P-7 न्यूज पर पूरी खबर
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